ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ई-ऑफिस प्रणाली शुरू हो गई है जिससे फाइल का काम अब ऑनलाइन होगा। सभी कर्मचारियों के लिए ईमेल आईडी और डिजिटल हस्ताक्षर बनाए जा रहे हैं। इससे फाइलें समय पर स्वीकृत होंगी और अनावश्यक देरी नहीं होगी। शासन की टीम इसकी निगरानी करेगी और पारदर्शिता आएगी जिससे लोगों को सुविधा होगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ई-आफिस प्रणाली (गो-लाइव) बृहस्पतिवार को लागू हो गई है। अब फाइल वर्क आनलाइन माध्यम से होगा। इसके लिए प्राधिकरण के सभी स्थाई स्टाफ की (अधिकारी-कर्मचारी दोनों) ईमेल आइडी तैयार हो गई है और डिजिटल साइन भी बन रहे हैं।
ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से तय समयसीमा में फाइलें स्वीकृत हो सकेंगी। अनावश्यक देरी नहीं होंगी। शासन की टीम इसकी निगरानी भी करेगी। जरूरत पड़ने पर कोई भी फाइल किसी भी सरकारी महकमे को सीधे भेजी जा सकेगी।
दरअसल, प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया कि प्रदेश के सभी सरकारी महकमों को ई-आफिस में तब्दील कर दिया जाए। इस पर तेजी से काम हो हो रहा है। ई-आफिस प्रणाली को एनआइसी लागू कर रही है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीईसीएल) इसकी नोडल एजेंसी है।
ई-ऑफिस से सभी फाइल वर्क आनलाइन होगा। सभी विभागों की फाइलें आनलाइन हो जाएंगी। अधिकारी-कर्मचारी कहीं भी बैठे हों, वहीं से फाइलें साइन कर सकेंगे। फाइलों पर अप्रूवल का समय व तिथि दोनों ही अंकित होगा, जिससे कर्मचारी व अधिकारी फाइलें समय से कर सकेंगे।
इस पर शासन की टीम निगरानी करेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी बृहस्पतिवार को ई-आफिस शुरू कर दिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने सभी महकमों को ई-आफिस पर ही कामकाज करने के निर्देश दिए हैं।
जैसे-जैसे अधिकारियों-कर्मचारियों के डिजिटल साइन बनते जाएंगे, वैसे-वैसे ई-आफिस पर फाइल वर्क होता रहेगा। सभी विभागों की फाइलें ई-आफिस पर अपलोड की जाएंगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी अभिषेक पाठक ने बताया कि प्राधिकरण के अधिकांश अधिकारियों व कर्मचारियों के ईमेल आइडी तैयार हो गए हैं और डिजिटल साइन तैयार किया जा रहे हैं।
प्राधिकरण की कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द प्राधिकरण के सभी विभागीय कामकाज ई-आफिस पर हो। प्राधिकरण की 55 हजार से अधिक फाइल को स्कैन कर डाटा बैंक पहले से ही तैयार है। इसका उपयोग कर निवेश मित्रा व अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाले आवेदनों को ई-आफिस के माध्यम से निस्तारित किया जाएगा।
प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि ई-आफिस से विभागीय कामकाज में और पारदर्शिता आएगी। हर स्तर पर फाइल तय समय में स्वीकृत होगी। फाइल किस स्तर पर है, इसका भी पता चलता रहेगा। इससे लोगों को सहूलियत हो जाएगी।