अब अगर दिल्लीवालों को जेवर एयरपोर्ट जाना बहुत ही आसान हो जाएगा. नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर जाकर उन्हें जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा. यमुना किनारे एक नया 6-लेन एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी की जा रही है.
दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच सफर जल्द और सुगम होने वाला है. दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की भीड़भाड़ में फंसने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यमुना किनारे एक नया 6-लेन एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जो कालिंदी कुंज, डीएनडी और चिल्ला बॉर्डर को सीधा जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा. इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल गई है, बस अब एनएचएआई की अंतिम मुहर बाकी है.
करीब 30 किलोमीटर लंबा यह नया एक्सप्रेसवे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर यमुना किनारे बनाया जाएगा. पुराने यमुना पुश्ता रोड को आधुनिक एक्सप्रेसवे में बदलकर इसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. बीच में कई एंट्री और एग्जिट प्वाइंट भी बनाए जाएंगे ताकि आसपास के गांवों, कॉमर्शियल सेक्टरों और रेजिडेंशियल इलाकों को सीधा लाभ मिल सके.
फिलहाल नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 25 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें दो लाख डीएनडी और एक लाख चिल्ला बॉर्डर से आते हैं. भारी ट्रैफिक की वजह से आए दिन चिल्ला बॉर्डर से लेकर महामाया और उधर परिचौक पर जाम की स्थिति बनी रहती है. ऐसे में यह नया एक्सप्रेसवे ट्रैफिक का बड़ा दबाव कम करेगा और लोगों को बिना रुके सीधे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा भी देगा.
गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने यह प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सामन उस समय रखा जब दो दिन पहले नितिन गडकरी एक पेड़ मां के नाम वाल आयोजन के मुख्य अतिथि के तौर पर ग्रेटर नोएडा के जेवर में पहुंचे थे. जिस पर गडकरी ने सकारात्मक रुख दिखाया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है, और 60 हजार करोड़ का काम पूरा हो चुका है. इस नए प्रोजेक्ट में भी केंद्र 40-50 हजार करोड़ रुपये तक निवेश हो सकता है.
मार्च 2025 में नोएडा अथॉरिटी बोर्ड इस प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल अथॉरिटी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है. हालांकि नोएडा अथॉरिटी चाहती है कि इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अपने स्तर पर बनाए.
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जैसे बड़े मार्गों से भी जुड़ेगा, जिससे उत्तर भारत के कई हिस्सों से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा. औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने भी हाल ही में बताया कि सितंबर 2025 तक जेवर एयरपोर्ट से घरेलू और कार्गो उड़ानें शुरू हो जाएंगी, जबकि नवंबर 2025 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी टेक-ऑफ करेंगी.
गौरतलब है कि 2014 में यमुना पुश्ता रोड का 11 किलोमीटर हिस्सा खोला गया था, लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में वह खस्ता हालातों में है. और अब स्थानीय प्राधिकरण इस गलती को दोहराना नहीं चाहती. एक मजबूत, टिकाऊ और हाईस्पीड एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी करने में जुटी है. ताकि दिल्ली एनसीआर के लोगों को किसी रुकावट के सीधा जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी मिल सके.