यमुना प्राधिकरण अब यीडा सिटी में औद्योगिक भूखंडों के पुनर्विक्रय पर सख्ती बरत रहा है। प्राधिकरण ने निर्माण पूरा किए बिना भूखंड बेचने वालों के आवंटन रद्द करने की चेतावनी दी है।
यीडा सिटी में आवंटित औद्योगिक भूखंड को निर्धारित समय में निर्माण पूरा किए बिना बेचना अब संभव नहीं है। इसे लेकर अब यमुना अथॉरिटी सख्त हो गई है। इसी के चलते सार्वजनिक सूचना भी जारी कर ऐसे आवंटियों को आगाह किया है। जिला प्रशासन से यीडा सिटी के औद्योगिक भूखंडों के एग्रीमेंट टु सेल व पावर ऑफ अटॉर्नी के मामलों की डिटेल भी मांगी गई है।
अथॉरिटी का कहना है कि यीडा सिटी को बसाने के लिए औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया था, ताकि इंडस्ट्री लगे, रोजगार के अवसर मिलें तो लोग यहां आकर रहना शुरू करें, जो आवंटी बिना निर्माण किए ही इन प्लॉटों को बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में हैं या किसी दूसरे तरीके से रीसेल कर चुके हैं, उनके आवंटन अथॉरिटी निरस्त करेगी।
बता दें कि यीडा सिटी में 5 औद्योगिक सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं। इनमें सेक्टर-24, 24ए, 30, 32, 33 में अभी तक उद्यमियों को 3215 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है, लेकिन अभी तक 50 प्रतिशत ने भी औद्योगिक इकाई और फैक्ट्री का निर्माण शुरू नहीं किया। शहर में भूमि की कीमतें बढ़ने के चलते ये आवंटी मुनाफा कमाने के लिए इन्हें बेचने की फिराक में हैं, ऐसे में प्राधिकरण ने सार्वजनिक नोटिस जारी किया है।
अब शहर में बिना निर्माण के किसी भी औद्योगिक भूखंड को बेचा नहीं जा सकेगा। प्राधिकरण ने अपने स्तर से ऐसे मामलों में जांच भी शुरू कर दी है, यदि कोई भी आवंटी ऐसा करता पाया जाता है तो उसका भूखंड निरस्त कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा यदि कोई भी उद्यमी कंपनी का स्थानांतरण करना चाहेगा तो वह सिर्फ अपने खून के रिश्तों में ही ऐसा कर पाएगा, इसके बाहर स्थानांतरण की अनुमति भी नहीं मिलेगी।