अकेले ग्रेटर नोएडा में वर्ष 2024 में लगभग 12,300 यूनिट लॉन्च किए गए जबकि 2023 में मात्र 2,900 यूनिट लॉन्च किए गए थे जो साल-दर-साल 322% की पर्याप्त वृद्धि को दर्शाता है.
घर खरीदना हर किसी का एक सपना होता है. लेकिन जब इसके लेने की बात आती है तो लोग सोचते हैं कि कहां पर लें, क्या कुछ बजट हो और सबसे बेहतर लोकेशन हो. इन सभी चीजों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी होता है. प्रोपर्टी मार्केट एक बार फिर रफ्तार पकड़ रही है. ग्रेटर नोएडा में नए रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लॉन्च में एक असाधारण उछाल देखा गया है.
प्रॉपर्टी कंसल्टेंट संस्थान एनराक से जारी शोध डाटा के अनुसार ग्रेटर नोएडा ने 2024 के दौरान आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र में उल्लेखनीय तेजी का प्रदर्शन किया है और एनसीआर में सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक के रूप में स्थापित हो गया है. सिर्फ ग्रेटर नोएडा में साल 2024 में लगभग 12,300 यूनिट लॉन्च किए गए जबकि 2023 में मात्र 2,900 यूनिट लॉन्च किए गए थे. जो साल-दर-साल 322% की पर्याप्त वृद्धि को दर्शाता है.
नई परियोजना के लॉन्च में इस वृद्धि ने ग्रेटर नोएडा को रियल एस्टेट सेक्टर में सबसे बड़े हिस्सेदारों में से एक बना दिया है, जो 2024 में एनसीआर क्षेत्र के कुल लॉन्च का 23% हिस्सा है. क्रेडाई पश्चिमी यूपी के सचिव दिनेश गुप्ता ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वर्तमान में रियल एस्टेट का सबसे बड़ा माइक्रो मार्केट है और यह केवल शुरुवात है. मार्केट से अनिश्चितता दूर हो चुकी है और कड़ें मापदंडों के कारण प्रोजेक्ट का पूरा होना पहले से ज्यादा निश्चित हो गया है. ग्रेटर नोएडा अब एफोर्डेबल हॉऊसिंग से लक्जरी हॉऊसिंग की तरफ बढ़ गया है. यमुना एक्सप्रेसवे सहित अब ग्रेटर नोएडा में आने वाले समय में भूमि आवंटन होने वाला है जो घर खरीदारों को एक बार फिर से नए विकल्पों के साथ आकर्षित करेगा.
रेनॉक्स ग्रुप के एमडी शैलेन्द्र शर्मा के अनुसार सरकार की सतत विकास परियोजनाओं के कारण ग्रेटर नोएडा में रियल एस्टेट नई ऊंचाई तक पहुच पाया है. मेट्रो, रैपिड रेल, एयरपोर्ट, एक्स्प्रेसवे जैसे विशालकाय प्रोजेक्ट से क्षेत्र में वैश्विक निवेश आने का मौका बना है जिसके कारण रोजगार को बढ़ावा मिला है जो अंततः रियल एस्टेट सेक्टर को भी सकारात्मक स्तर पर प्रभावित करता है. पड़ोसी नोएडा और गुड़गांव की तुलना में अपेक्षाकृत सस्ती कीमतों पर बड़े भूखंडों की उपलब्धता ने प्रमुख डेवलपर्स को नई परियोजनाएं शुरू करने के लिए आकर्षित किया है.
निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग के अनुसार मार्केट में नियमित रूप से किए जा रहे बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से एक्वा लाइन मेट्रो नेटवर्क का नोएडा एक्सटेंशन में विस्तार और जेवर में बनने वाले नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को दिया जा सकता है. एयरपोर्ट और मेट्रो सुविधाओं के कारण बहुत से लोगों के लिए ग्रेटर नोएडा भविष्य में गुड़गाँव और फरीदाबाद जैसे मार्केट का विकल्प बन गया है जहां प्रॉपर्टी की कीमत आज भी अपेक्षाकृत सस्ती है और सुविधाएं तथा कानून व्यवस्था पहले से बेहतर हो गई है.
डिलिजेन्ट बिल्डर्स के सीईओ ले. कर्नल (रिटायर्ड) अश्वनी नागपाल के अनुसार ग्रेटर नोएडा एनसीआर में लक्जरी प्रॉपर्टी का सबसे बड़ा वैकल्पिक हब बनकर उभरा है और आने वाले कई वर्षों तक यहाँ संभावनाओं की कमी नहीं है. आईटी कंपनी की डाटा सेंटर बनने और मैनूफेकचरिंग यूनिटस की स्थापना पर सरकार के फोकस से भी माइक्रो-मार्केट को लाभ हुआ है. तेजी से बढ़ते रोड नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल, एयरपोर्ट जैसे दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सकारात्मक नीतियों के कारण ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक निवेश बढ़ा है जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और परिणामस्वरूप आवास की मांग में तेजी आई है.
आरजी ग्रुप के निदेशक हिमांशु गर्ग के अनुसार सरकार की बेहतर नीतियों का परिणाम सेक्टर के विकास से परिलक्षित होता है और यही रियल एस्टेट सेक्टर में हो रहा है. केंद्र व प्रदेश के सही निर्णयों और नीतियों के कारण नए प्रोजेक्ट शुरू हुए है और उद्योग धंधों के साथ रियल एस्टेट सेक्टर को उचित प्रोत्साहन मिला है जिससे ग्रेटर नोएडा सभी वर्ग के लोगों के लिए निवेश का सबसे उत्तम स्थान बन चुका है. समय के अनुसार जरूरी बदलाव भी किए गए है जिनका परिणाम बढ़ती डिमांड के रूप में दिख रहा है.