ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस साल 263 किलोमीटर सड़क को चौड़ा करने का काम करेगा। मार्च तक 19 किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है। इसमें नई सड़कों का निर्माण भी शामिल है। प्राधिकरण ने एनसीआर में वायु प्रदूषण की खराब होती स्थिति और ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए साल 2026 के लिए कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने, नई सड़क बनाने, फुटओवर ब्रिज (एफओबी), जलभराव की समस्या को दूर करने सहित अन्य कार्य किए जाएंगे।
इनमें एलजी चौक से सेक्टर बीटा- टू रामपुर गोलचक्कर, मिग्सन से मकौड़ा गोलचक्कर, कासना से सिरसा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज तक आदि सड़कें शामिल हैं। प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह ने बताया कि सड़कों को चौड़ा करने का काम शुरू कर दिया गया है। मार्च महीने तक 19 किलोमीटर सड़क को चौड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है। दिसंबर तक सभी काम पूरे कराने का प्रयास रहेगा। विकास कार्यों पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
धूल मुक्त भी की जाएंगी
अधिकारी के मुताबिक, सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए सड़क और नाली के बीच खाली पड़ी जगह
पर पाथवे बनाया जाएगा। इस पर परफोरेटेड टाइल्स (छेद वाली टाइल्स) लगाई जाएगी। इससे सड़क के किनारे धूल उड़ने की समस्या दूर हो जाएगी। घास उगने से हरियाली बनी रहती है। साथ ही बारिश का पानी बर्बाद होने से बच जाता है।
यूटर्न बनाने पर जोर
वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए यूटर्न बनाने का काम भी प्रस्तावित है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट
में गौर सिटी-वन व टू के बीच, गौड़ चौक और तिगरी के बीच 60 मीटर चौड़ी सड़क आदि स्थानों पर यूटर्न बनाने की तैयारी चल रही है। ग्रेटर नोएडा ईस्ट व वेस्ट इलाके में 10 से अधिक यूटर्न बनकर तैयार हो गए हैं।
एनजी रवि कुमार, सीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, “शहर में ट्रैपिक सुचारू रूप से चलता रहे, इसके सभी महत्वपूर्ण सड़कों को चौड़ा करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए पाथवे बनाकर उस पर परफोरेटेड टाइल्स लगाने के परियोजना विभाग को दिशा निर्देश दिए गए हैं।”