नोएडा-ग्रेनो के 35000 घर खरीदारों की बल्ले-बल्ले, अब शुरू होगी सालों से अटकी रज‍िस्‍ट्री!

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सालों से अटकी पड़ी रज‍िस्‍ट्री अब शुरू हो सकती हैं. बताया जा रहा है क‍ि जो ब‍िल्‍डर रज‍िस्‍ट्री कराने के ल‍िये तैयार नहीं हैं. सरकार और अथॉर‍िटी की तरफ से उनके ख‍िलाफ कार्रवाई करने का मन बना ल‍िया गया है.

सालों की लड़ाई क्‍या अब खत्‍म होने वाली है? इस सवाल का जवाब आसान नहीं है. जी हां, यह मामला है नोएडा-ग्रेटर नोएडा में हजारों फ्लैट खरीदने वाले बायर्स का. दरअसल, लंबे इंतजार के बावजूद भी यहां अभी तक हजारों फ्लैट खरीदारों को न्‍याय नहीं म‍िला है. वे करोड़ों खर्च करने के बाद भी रज‍िस्‍ट्री के इंतजार में सरकारी ऑफ‍िस के चक्‍कर लगाने के ल‍िए मजबूर हैं. लेक‍िन अब सालों के इंतजार के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 35,000 परिवारों को राहत मिलने की उम्‍मीद जमी है.

बिल्डरों ने सालों से अथॉरिटी का पैसा रोक रखा है. इसलिए फ्लैट की रजिस्ट्री रुकी हुई थी. अब अथॉरिटी की तरफ से सख्ती शुरू कर दी गई है, जो बिल्डर इस पर भी नहीं मानेगा, उसकी सुव‍िधाओं को बंद कर द‍िया जाएगा. इन 35,000 परिवारों ने फ्लैट का पजेशन ले ल‍िया और वहां पर रहना तो शुरू कर द‍िया. लेकिन रजिस्ट्री नहीं होने से कागज पर मालिक बिल्डर ही था. बैंक लोन चुकता होने के बावजूद लोग किराये के घर में रहने जैसा महसूस कर रहे थे.

अध‍िकतर बि‍ल्‍डर ने 25% वाली स्‍कीम को चुना
साल 2023 में बनी अमिताभ कांत कमेटी ने कहा था बिल्डर यद‍ि 25% बकाया भी जमा कर दे तो रजिस्ट्री शुरू कर दो. इस स्कीम में 98 में से 85 बिल्डर मान गए और 18,000 से ज्यादा फ्लैटों की रजिस्ट्री हो गई. लेकिन 13 बिल्डर आज तक नहीं माने हैं. ज‍िन 13 ब‍िल्‍डर की तरफ से पैसा जमा नहीं क‍िया गया उनमें AVJ डेवलपर्स (सेक्टर बीटा-2), एलिगेंट इंफ्राकॉन (टेकजोन-4) और इंटेरिक्श इंजीनियरिंग (सेक्टर-1) समेत कुल 13 ब‍िल्‍डर शाम‍िल हैं. इनकी सभी सुव‍िधाओं को बंद करने पर बोर्ड की तरफ से साफ कहा गया क‍ि अब एक दिन की भी मोहलत नहीं दी जाएगी.

जो बिल्डर नहीं मानेगा, वहां सरकार खुद आगे आएगी
अथॉरिटी की तरफ से यह भी कहा गया क‍ि बिल्डर के ख‍िलाफ कार्रवाई होगी. लेकिन खरीदारों का एक भी रुपया नहीं रुकेगा और न ही उनकी रजिस्ट्री रुकेगी. जिन प्रोजेक्ट को लेकर बिल्डर नहीं मानेगा, वहां सरकार खुद आगे आएगी और रज‍िस्‍ट्री को लेकर काम करेगी. आपको बता दें नोएडा के अलावा भी देशभर में इस तरह 4 लाख से ज्‍यादा खरीदार फंसे हुए हैं. बैंकों का भी 4.10 लाख करोड़ रुपया अटका हुआ है. केंद्र सरकार की तरफ से नया कानून लाने की तैयारी चल रही है. इसमें दिवालिया होने पर पैसा केवल खरीदारों और बैंकों को मिलेगा, बिल्डर को कोई पैसा नहीं म‍िलेगा.

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