यूपी में 8000 करोड़ का बनेगा लॉजिस्टिक्स हब, भारत की सप्लाई चेन को मिलेगी नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के औद्योगिक नक्शे पर एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। ग्रेटर नोएडा के बोदाकी में 8,000 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट भारत की राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP) के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य देश के परिवहन और सप्लाई चेन नेटवर्क को अधिक कुशल और आधुनिक बनाना है।

सरकार का दावा है कि यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत की लॉजिस्टिक्स प्रणाली में गेमचेंजर साबित होगी। ग्रेटर नोएडा का बोदाकी इलाका इस परियोजना का केंद्र होगा, जो करीब 800 एकड़ में फैलेगा। हब में कंटेनर टर्मिनल, वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं तैयार की जाएंगी। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यह हब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से सीधे जुड़ा होगा। इससे पश्चिम भारत के बंदरगाहों और औद्योगिक केंद्रों तक माल ढुलाई तेज़ और निर्बाध होगी।

दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) और इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप (IITGNL) ढांचे के अंतर्गत विकसित हो रहा बोदाकी लॉजिस्टिक्स हब, भारत की राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP) का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। यह हब लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार, परिवहन लागत में कमी, और राज्यों के बीच माल ढुलाई नेटवर्क के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति को मिलेगा बल
यह हब भारत की राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगा। इस नीति का उद्देश्य, एकीकृत लॉजिस्टिक्स अवसंरचना का विकास, माल प्रबंधन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करना और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को सुनिश्चित करना है। परियोजना पूरी होने पर माल परिवहन की लागत घटेगी और ट्रांजिट समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे देश की लॉजिस्टिक्स दक्षता (efficiency) में सुधार होगा और भारत के ग्लोबल लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPI) में बेहतर रैंक हासिल करने में मदद मिलेगी।

प्रदेश को मिलेगा बड़ा आर्थिक फायदा
लॉजिस्टिक्स हब के साथ-साथ दादरी में 1,200 करोड़ की लागत से एक और लॉजिस्टिक्स पार्क तैयार किया जा रहा है। दोनों परियोजनाएं मिलकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। इन परियोजनाओं से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। साथ ही क्षेत्र में परिवहन, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

गेमचेंजर साबित होगा हब
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) प्रेरणा सिंह ने कहा, “बोदाकी में बनने वाला लॉजिस्टिक्स हब दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कार्गो मूवमेंट को नई दिशा देगा। यह प्रोजेक्ट ग्रेटर
नोएडा को देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्र बना देगा। इससे रोजगार के साथ-साथ वैश्विक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

विकसित भारत @2047′ की दिशा में कदम
राज्य सरकार का कहना है कि बोदाकी और दादरी की ये परियोजनाएं विकसित भारत @2047 के विज़न को साकार करने में मदद करेंगी, जिसके तहत देश को 2035 तक 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट केवल औद्योगिक नहीं बल्कि क्षेत्रीय विकास का भी बड़ा केंद्र बनेगा। इससे पश्चिमी यूपी के शहरों में शहरीकरण की रफ्तार बढ़ेगी और छोटे उद्योगों को बड़े बाजारों से जोड़ने के नए अवसर खुलेंगे।

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