यमुना प्राधिकरण औद्योगिक भूखंड योजना से वंचित आवेदकों को मिलेगा दूसरा मौका, देना होगा प्रेजेंटेशन

यमुना प्राधिकरण की औद्योगिक भूखंड योजना में आवंटन से वंचित आवेदकों की लाटरी खुल सकती है। ये आवेदक प्राधिकरण की शर्तों के तहत न्यूनतम अंक पाने में सफल रहे थे, लेकिन भूखंडों का आवंटन अधिकतम अंक पाने वालों को मिले।

प्राधिकरण अधिकारियों का दावा है कि भूखंड आवंटन से वंचित आवेदकों के जरिये यीडा को छह करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। रोजगार सृजन भी होगा। चेयरमैन की मौजूदगी में उन्हें तकनीकी प्रस्तुतिकरण का मौका दिया जाएगा।

यीडा ने मई में औद्योगिक भूखंड की योजना निकाली थी। आठ हजार वर्गमीटर तक के भूखंडों का आवंटन नीलामी से होता है। इससे बड़े भूखंडों का आवंटन वास्तुनिष्ठ मानकों पर आधारित अंक व साक्षात्कार के जरिये होता है।

दो भूखंडों के सापेक्ष प्राधिकरण को 35 आवेदन मिले थे। सभी आवेदनों के मूल्यांकन में उन्होंने न्यूनतम 55 अंकों की शर्त को पूरा किया, लेकिन आवंटन अधिकतम अंक पाने वालों को ही हो पाया। जबकि न्यूनतम अंक की शर्त पूरी करने के बावजूद अन्य 33 आवेदक वंचित रहे गए।

इन आवेदकों को भी औद्योगिक निवेश के लिए भूखंडों की वास्तव में जरूरत है और उनके जरिये यीडा क्षेत्र में रोजगार सृजन भी होगा। प्राधिकरण की ओर से इन्वेस्ट यूपी को इस संदर्भ में पत्र भेजकर केस टू केस आधार पर निर्णय लेने का आग्रह किया गया था, लेकिन इन्वेस्ट यूपी ने प्राधिकरण पर ही निर्णय लेने की जिम्मेदारी डाल दी।

अब इन आवेदकों को चेयरमैन के सम्मुख तकनीकी प्रस्तुतिकरण करने होगा। बोर्ड के निर्णय से उन्हें भूखंड आवंटन पर फैसला किया जा सकता है। प्राधिकरण अधिकारियों के इस फैसले से आवेदकों की लाटरी निकल सकती है।

Join The Discussion

Compare listings

Compare