ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक अंडरपास का 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. मार्च 2026 तक पूरा करने की कोशिश है. 98 करोड़ की लागत से इस काम को किया जा रहा है.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सबसे चर्चित ट्रैफिक पॉइंट गौर चौक पर बन रहा अंडरपास अब गति पकड़ता दिखाई दे रहा है. वर्षों से जाम की मार झेल रहे लाखों लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट उम्मीद की किरण बनकर उभर रहा है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आलाधिकारियों के मुताबिक अब तक अंडरपास का 38 से 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. तिलपता की ओर से नोएडा की तरफ आने वाले वाहनों के लिए दोनों लाइनें चालू कर दी गई हैं, जिससे वाहन चालकों को कुछ राहत मिली है.
एक ओर रैंप तैयार, दूसरे का निर्माण किया शुरू
अंडरपास के दोनों ओर जो सड़कें मुख्य सड़क से कनेक्ट करती हैं, यानी रैंप उनमें से परिचौक की तरफ वाला रैंप लगभग तैयार हो चुका है, जबकि ताज हाईवे और गाजियाबाद की ओर जाने वाले रैंप का निर्माण अभी शुरू हुआ है. प्राधिकरण का दावा है कि आने वाले महीनों में रैंप का निर्माण तेज गति से पूरा किया जाएगा. प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीनियर मैनेजर प्रभात शंकर ने बताया कि हालांकि इस अंडरपास की आधिकारिक समय-सीमा अक्टूबर 2026 तय थी, लेकिन इसे मार्च 2026 तक ही पूरा करने की कोशिश की जा रही है.
साथ ही प्रभात शंकर का कहना है कि काम की रफ्तार बढ़ाई गई है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द यातायात समस्या से छुटकारा मिल सके. गौर चौक लंबे समय से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौड़ सिटी, बिसरख, नोएडा, ताज हाईवे और गाजियाबाद की दिशा से आने-जाने वाले लाखों लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ था. सुबह-शाम का ट्रैफिक इतना भारी होता था कि यात्रियों को केवल इस चौक को पार करने में ही काफी देर का समय लग जाता था.
करीब 98 करोड़ की आएगी लागत
प्राधिकरण का दावा है कि अंडरपास तैयार होने के बाद करीब 7 से 8 लाख की आबादी को राहत मिलेगी. ट्रैफिक स्मूद होगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी. इस परियोजना की कुल लागत लगभग 98 करोड़ रुपये आंकी गई है.