उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजनीति के रूप में उभरते गौतमबुद्ध नगर में अभी तक एक्सप्रेस ट्रेन रुकने की सुविधा नहीं है लेकिन अब जल्द ही यहां देश का सबसे बड़ा मल्टी-मॉडल हब बनेगा, जहां से न केवल 70 ट्रेनों का संचालन होगा बल्कि यहां एक ही छत के नीचे ट्रेन के साथ मेट्रो और बस की भी सुविधा होगी. आइये विस्तार से जानते हैं करीब 1685 करोड़ रुपये की लागत का ये पूरा प्रोजेक्ट क्या है.
यह टर्मिनल देश का एक अनोखा मॉडल होगा जहां एक ही छत के नीचे ट्रेन मेट्रो और बस की सुविधा यात्रियों को मिलेगी. इससे दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ आसपास के जिलों के लाखों लोगों को यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी.
बोड़ाकी टर्मिनल के शुरू होने के बाद यहां से पूर्वी भारत के राज्यों की ओर 70 ट्रेनों का संचालन किया जाएगा. इनमें सबसे अधिक ट्रेनें बिहार की दिशा में जाएंगी. वर्तमान में ग्रेटर नोएडा से किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं है, जिससे लोगों को गाजियाबाद या दिल्ली तक यात्रा करनी पड़ती है. बोड़ाकी टर्मिनल शुरू होने के बाद जिले के करीब 35 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.
बोड़ाकी, पल्ला, पाली समेत कई गांव इस परियोजना की जद में आ रहे हैं. प्रशासन की टीम रोज इन गांवों में जाकर किसानों से बातचीत और सर्वे कार्य कर रही है. किसानों को भरोसा दिलाया गया है कि परियोजना के कारण उनके हितों को कोई नुकसान नहीं होगा.