यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में लगभग 242 औद्योगिक इकाइयों का निर्माण चल रहा है जिससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्राधिकरण आवंटियों को निर्माण कार्य शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है जिसके परिणामस्वरूप पिछले एक महीने में 11 नई इकाइयों का निर्माण शुरू हुआ है। अब तक 3000 से अधिक भूखंड आवंटित किए गए हैं जिनमें से 15 इकाइयां क्रियाशील हैं।
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में एक साल में हजारों युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे। करीब ढाई सौ इकाईयों का निर्माण चल रहा है। एक से डेढ़ साल में इन इकाईयों में उत्पादन शुरू जाएगा।
औद्योगिक इकाईयों की बसावट तेज करने के लिए आवंटियों से कार्ययोजना मांगने और निर्माण कार्य शुरू करने के लिए दबाव देने के प्रयास सफल नजर आ रहे हैं। । एक माह के दौरान 11 नई इकाईयों का निर्माण शुरू हुआ है। आठ इकाईयों को इंडस्ट्री एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन हो चुका है।
यमुना प्राधिकरण ने 2013 में पहली औद्योगिक भूखंड योजना निकाली थी। तब से लेकर अब तक प्राधिकरण तीन हजार से अधिक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन कर चुका है, लेकिन 12 वर्षों में महज 15 इकाईयां भी क्रियाशील हो पाई हैं।
लीजडीड और कब्जा मिलने के बावजूद औद्योगिक इकाईयों का निर्माण करने में आनाकानी कर रहे आवंटियों पर शिकंजा कसते हुए यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह ने उनके साथ बैठक कर निर्माण की कार्ययोजना मांगने की प्रक्रिया शुरू की थी।
प्राधिकरण की सख्ती के कारण इकाईयों के निर्माण में तेजी आना शुरू हो चुकी है। औद्योगिक सेक्टर में पिछले एक माह के दौरान 82 इकाईयों का निर्माण छत के स्तर तक पहुंच गया है। जबकि जुलाई में यह संख्या 64 थी। 46 इकाईयों की नींव का काम चल रहा है। जबकि 43 इकाईयों का काम नींव तक पूरा हो चुका है। जुलाई में 181 के सापेक्ष अगस्त में निर्माणाधीन इकाईयों की संख्या 242 पहुंच गई है।
इकाईयों के क्रियाशील होने के साथ उनका इंडस्ट्री एक्ट के तहत पंजीकरण भी कराया जा रहा है। यीडा में 15 इकाईयां क्रियाशील हैं। इसमें आठ का इंडस्ट्री एक्ट के तहत पंजीकरण हो चुका है। जुलाई में इनकी संख्या तीन थी।