जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होते ही उत्तर प्रदेश पांच अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। अभी यूपी में 16 हवाईअड्डों से विमान उड़ान भर रहे जबकि तीन और निर्माणाधीन हैं।
नोएडा एयरपोर्ट से विमानों के उड़ान शुरू करने की तैयारी जोरों पर है। प्रथम चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। दावा किया जा रहा है कि हवाईअड्डे से सितंबर में घरेलू-कार्गो और नवंबर में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो जाएंगी। इस एयरपोर्ट का परीक्षण हो चुका है। एयरपोर्ट पर रनवे और एटीसी का कार्य पूरा हो गया है और टर्मिनल का कार्य अंतिम चरण में है। टर्मिनल बिल्डिंग पर शीशे लग चुके हैं।
इसके अलावा अन्य सभी जरूरी कागजी प्रक्रियाओं को भी पूरा किया जा चुका है। अब सिर्फ डीजीसीए से एयरोड्रम लाइसेंस मिलने का इंतजार है। इसको लेकर टीम एयरपोर्ट का निरीक्षण भी कर चुकी है। इस एयरपोर्ट से जैसे ही पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होगी, एक नया रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश के नाम दर्ज हो जाएगा।
गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान शुरू होते ही दुनिया नए उत्तर प्रदेश और भारत को देखेगी। यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। यह क्षेत्र में तरक्की की नई राह खोलेगा।
नोएडा के आरटीआई कार्यकर्ता रंजन तोमर ने नागरिक उड्डयन निदेशालय से आरटीआई के तहत पूछा था कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में कितने हवाई अड्डे संचालित थे और वर्तमान में कितने हो रहे । निदेशालय ने जवाब में कहा कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में कुल चार एयरपोर्ट संचालित थे और उसके बाद 12 नए एयरपोर्ट संचालित किए गए। वर्तमान में 16 एयरपोर्ट से उड़ानें संचालित हो रही हैं।
यूपी में यहां उड़ानें संचालित हो रहीं
लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, प्रयागराज, कानपूर, बरेली, गाजिाबाद का हिंडन, कुशीनगर, अयोध्या, अलीगढ, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट और सहारनपुर का सरसावा शामिल हैं।