जेवर एयरपोर्ट के पास टप्पल में लॉजिस्टिक हब को 2 गांवों में होगा भूमि अधिग्रहण, 888 परिवार होंगे प्रभावित

जेवर एयरपोर्ट के पास टप्पल में विकसित होने वाले लॉजिस्टिक हब के लिए सर्वे पूरा होने के बाद अब जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। इस लॉजिस्टिक पार्क से करीब 888 परिवार प्रभावित होंगे।

जेवर एयरपोर्ट के पास टप्पल में विकसित होने वाले लॉजिस्टिक हब के लिए सर्वे पूरा होने के बाद अब जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) ने स्यारोल और डोरपुरी गांव की 165.67 हेक्टेयर भूमि का सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (एसआईए) पूरा कर ड्राफ्ट यमुना प्राधिकरण और अलीगढ़ जिला प्रशासन को भेज दिया है। जेवर एयरपोर्ट से 15 किलोमीटर दूर विकसित होने वाले लॉजिस्टिक पार्क से करीब 888 परिवार प्रभावित होंगे।

प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि अलीगढ़ के खैर तहसील क्षेत्र के स्यारौल और डोरपुरी गांव में लॉजिस्टिक हब पीपीपी मॉडल के तहत 40 वर्षों की अवधि के लिए डिजाइन, बिल्ड, ऑपरेट, फाइनेंस और ट्रांसफर पद्धति के अनुसार विकसित किया जाएगा। यह परियोजना यमुना प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2031 (फेज-2) का हिस्सा है।

इसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ रहे वेयरहाउसिंग और कार्गो की मांग को पूरा करना होगा। यहां वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें पिलरलेस निर्माण, 10 मीटर ऊंचाई और एलिवेटेड फ्लोरिंग जैसी विशेषताएं होंगी। इसके अलावा बहु-माध्यम परिवहन अवसंरचना जैसे सड़क एवं रेल नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा, ताकि माल परिवहन सुगम हो सके। परियोजना क्षेत्र में ट्रक पार्किंग, कस्टम क्लीयरेंस केंद्र, आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्र, संस्थागत परिसर तथा कार्यालय स्थल, रख रखाव केंद्र और सड़क, जल एवं बिजली आदि आधारभूत सुविधाएं स्थापित होंगी।

शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी यीडा, “लॉजिस्टिक हब के एआईए का ड्राफ्ट अलीगढ़ के भूअर्जन कार्यालय को भेज दिया गया है। अब परियोजना को विकसित करने के लिए धारा-11 की कार्रवाई भी जल्द शुरू हो जाएगी।”
विवेक मिश्रा, नोएडा अधिकारी एसआईए, सामाजिक समाघात निर्धारण कर ड्राफ्ट यमुना प्राधिकरण को सौंपा जा चुका है। यह सर्वे कई महीनों तक चला, जिसमें जनसंख्या, साक्षरता, आर्थिक स्थिति समेत अन्य सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की गई।

Join The Discussion

Compare listings

Compare