Noida Airport ke paas देश का सबसे सुंदर इंटरचेज, दिखेगी बेंगलुरू की झलक

मनोज कुमार शर्मा, जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए बन रहे इंटरचेंज को देश का सबसे सुंदर इंटरचेंज बनाया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसको बेहद शानदार बनाने के लिए बेंगलुरू के केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर दिखने वाली फूल, हरियाली और पौधों से सजी सड़कों जैसी लुक देने का प्लान तैयार कर लिया है।

आठ जुलाई को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी परियोजना में एक पौधा मां के नाम लगाकर शुभारंभ करेंगे। जिसके बाद इंटरचेंज पर चार लूप व आठ ट्रेंगलों को पौधे, घास, झील, चबूतरे, पार्क, पगडंडी बनाकर सवांरने का काम शुरू होगा। एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ाने शुरू होने से पहले इंटरचेंज को पूरी तरह से तैयार कर चालू कर दिया जाएगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के लिए केएमपी लिंक से 31 किमी का लिंक एक्सप्रेसवे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बनाकर तैयार कर रहा है। इस लिंक एक्सप्रेसवे को एयरपोर्ट के लगभग एक किमी पहले यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए इंटरचेंज बनाया गया है। इस इंटरचेंज में यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए चार लूप और आठ ट्रेंगल बने हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इन लूप और ट्रेंगल में खाली पड़ी लगभग 35 एकड़ जमीन पर झील, एलईडी लाइटिंग के साथ लेटेस्ट तकनीकि के फाउंटेन फव्वारे, वृताकार बायपाथ (पगडंडी), पार्क विकसित करने जा रहा है। इंटरचेंज की सुंदरता बढ़ाने के लिए उन्नत किस्म के देशी और विदेशी प्रजातियों के फूल देने वाले सुंदर पौधे और हरियाली बढ़ाने के लिए घास लगाई जाएगी। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि यह इंटरचेंज देश का सबसे सुंदर दिखने वाला इंटरचेंज होगा।

दरअसल लिंक एक्सप्रेसवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बेंगलुरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर दिखने वाली हरी भरी फूलों से सजी सड़कों जैसी लुक देने जा रहा है। इसके लिए पूरी परियोजना में लगभग 25 हजार अलग-अलग किस्मों के पौधे लगाए जाने हैं।

लिंक एक्सप्रेसवे या इंटरचेंज पर पहुंचने के बाद ही यात्रियों को यहां कि सुंदरता का अहसास होने लगेगा। यहां लगाए जाने वाले पौधे ज्यादातर सालभर हरे भरे बने रहने के साथ ही फूल भी देते रहने वाले लगाए जा रहे हैं। साथ ही ध्यान रखा जा रहा है कि पर्यावरण को ज्यादा फायदा पहुंचाने वाले पौधों को प्राथमिकता दी जाए।

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