साल 2027 तक अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में अगले 20 साल में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) अपना निवेश वापस पा सकेगा। लगभग 4,200 करोड़ रुपये का फंड यीडा ने एयरपोर्ट के विकास में खर्च किया है।
वहीं, इसे बनाने वाली कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड-यापल 40 साल तक एयरपोर्ट पर सेवाओं का संचालन करेगी। कंपनी ने करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश इसके निर्माण में किया है। यीडा के आकलन के मुताबिक 2026 की शुरुआत में एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो जाएगा।
कार्गो सेवाएं भी होंगी शुरू
करीब डेढ़ साल तक यहां से घरेलू और कार्गो सेवाएं शुरू रहनी हैं। इसके बाद एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू हो जाएगीं। एयरपोर्ट से संचालन शुरू होने के साथ ही यापल प्रति यात्री एक तयशुदा दर से भुगतान यीडा को करेगा। 2027 में अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू होने के बाद से आकलन यह है कि करीब 120 उड़ान रोजाना यहां से होंगीं।
1.25 करोड़ यात्री करेंगे यात्रा
ऐसे में करीब 1.25 करोड़ यात्री हर साल यहां से एयरपोर्ट सेवाओं का उपयोग करेंगे। इससे होने वाली आय से अगले 20 साल में यीडा का निवेश वापस हो सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि किसी बड़े प्रोजेक्ट के सफल होने के लिए जरूरी है कि वह फायदेमंद भी रहे। इसके लिए सबसे जरूरी है कि जो निवेश प्रोजेक्ट में किया गया है। उसकी न्यूनतम समय में वापसी भी सुनिश्चित हो सके।
सीधे जुड़ रहे कई एक्सप्रेसवे
सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि नोएडा एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या अधिकतम रहेगी। इसकी वजह जहां इसे क्षेत्र में विदेशों के अलावा देश की अधिकांश बड़ी कंपनियों के यहां निवेश हैं। इसके अलावा माल की ढुलाई का भी यह बड़ा केंद्र होगा।
कई एक्सप्रेसवे इस एयरपोर्ट से सीधे जुड़ रहे हैं। मेरठ, आगरा, अलीगढ़, हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद के अलावा दिल्ली-एनसीआर के दूसरे बड़े शहरों के लिए भी नोएडा एयरपोर्ट से अपने गंतव्य के लिए फ्लाइट लेना आसान होगा। इसका फायदा यीडा को अपना निवेश भी कम समय में वापस मिलने में मदद मिलेगी।