दिल्ली एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट में नोएडा एक नया पावर सेंटर बनकर उभर रह है. मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर बढ़ता उत्साह और कॉम्पिटेटिव कीमतों के दम पर नोएडा खासकर गौतम बुद्ध नगर, निवेशकों और डेवलपर्स की पहली पसंद बन गया है. ब्रोकरेज हाउस ICICI डायरेक्ट के मुताबिक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास बसे सेक्टर 128, 129, 106 और सेक्टर 16B नए रेजिडेंशियल और कमर्शियल हब के तौर पर उभर रहे हैं.
ICICI डायरेक्ट की रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा के पांच सेक्टर में बड़े पैमाने पर नए कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग चल रही है. सेक्टर 105 नोएडा बड़ा कमर्शियल हब बनकर उभर रहा है.
सेक्टर 105 नोएडा में वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में एक बड़ा प्रोजेक्ट लॉन्च होने की उम्मीद है, जिसका कुल डेवलपमेंट पोटेंशियल (GDV) लगभग 3,000 करोड़ रुपए हो सकता है.
ICICI डायरेक्ट के मुताबिक, अकेले इसी प्रोजेक्ट से सालाना 140 करोड़ रुपए से ज्यादा ही रेंटल इनकम आने का अनुमान है. सेक्टर 105 के करीब ही दिल्ली वन नाम का एक और बड़ा कमर्शियल प्रोजेक्ट 2026 में लॉन्च हो सकता है.
दिल्ली वन का GDV 2000 करोड़ रुपए और सालाना रेंटल पोटेंशियल 120 करोड़ रुपए से अधिक आंका गया है.
16B और 129 में कमर्शियल हब
नोएडा सेक्टर 16B और 129 पहले से ही सफल कमर्शियल हब बने हुए हैं. यहां पर मैक्स टावर्स (सेक्टर 16B) और मैक्स स्क्वायर (सेक्टर 129) जैसे ऑफिस स्पेस मौजूद हैं.
कल्पतरु विस्टा जैसे लग्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स
कमर्शियल डेवलपमेंट्स के साथ-साथ, नोएडा एक्सप्रेसवे पर कल्पतरु विस्टा जैसे लग्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स का हाल ही में पूरा होना यह दिखाता है कि ये इलाके अब काम करने, दोनों के लिए एक इंटीग्रेटेड हब बन रहे हैं.
आपको बता दें कि कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर नए यूनिट्स की लॉन्च में 54 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है.
10,242 नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट
2025 के पहले नौ महीने में गौतमबुद्ध नगर में 10,242 नए रेजिडेंशियल यूनिट्स लॉन्च हुए हैं. इस उछाल का कारण नोएडा एयरपोर्ट के आसपास विकास की उम्मीदों और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण आया है. प्रॉपर्टी की कीमतों में भी इसका असर साफ दिख रहा है. Proptiger की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की तीसरी तिमाही में दिल्ली एनसीआर में प्रॉपर्टी की कीमतों में साल-दर-साल 19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जो देश के टॉप शहरों में सबसे ज्यादा है.