ग्रेटर नोएडा की पहचान परी चौक का सौंदर्यीकरण कर उसे और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। फव्वारों की मरम्मत, नए पत्थर लगाने, दीवारों पर पेंटिंग और लैंडस्केपिंग (भूदृश्य निर्माण) सहित अन्य जरूरी कार्य कराए जा रहे हैं।
यह काम अगले दो माह में पूरा हो जाएगा। परियों की मरम्मत का काम पहले ही किया जा चुका है। दरअसल नोएडा- ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और सूरजपुर-कासना मार्ग से होकर आवाजाही करने वाले लोग परी चौक से होकर गुजरते हैं। यह स्थान शहर का प्रवेश द्वार होने के साथ प्रमुख पहचान भी बन चुका है, लेकिन नियमित रूप से रखरखाव के अभाव में परी चौक की सुंदरता गायब हो गई है। इसको देखते हुए प्राधिकरण ने नए सिरे से सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना बनाई है।
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक उद्यान राकेश बाबू ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर परी चौक के सौंदर्यीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। यहां पर पहले से लगे फव्वारों की मरम्मत कर कार्य तेजी से चल रहा है। परी चौक के चारों की तरफ दीवार को सही कर उस पर तरह-तरह की पेंटिंग की जाएगी। साथ ही फव्वारों के लिए बनाए गए तालाब में नए पत्थर लगाए जाएंगे। फव्वारों का नियमित रूप से संचालन किया जाएगा। विशेषज्ञों की मदद से लैंडस्केपिंग का सुंदर कार्य कराया जाएगा। परी चौक के चारों तरफ बड़े आकार के गमले रखकर हरियाली बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। नए साल से पहले सौंदर्यीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा।
आसपास के इलाके को भी चमकाया जाएगा: अधिकारी के मुताबिक परी चौक के साथ-साथ ही आसपास के इलाके को भी चमकाने का काम किया जाएगा। सूरजपुर – कासना मार्ग और एक्सप्रेसवे के हरित क्षेत्र की साफ सफाई कर हरियाली बढ़ाने का काम किया जाएगा।
गोलचक्करों की भी सुंदरता बढ़ेगी
प्राधिकरण ने गोलचक्करों के सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू कर दिया है। इसके तहत 130 मीटर चौड़ी सड़क पर तिलपता और सिरसा के बीच स्थित आठ गोलचक्कर पर सजावटी एलईडी लाइट लगाने का काम किया जा रहा है। उद्यान विभाग द्वारा भी कार्य कराया जाएगा। एक्सपो मार्ट और नासा पार्किंग के गोलचक्कर का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। गोलचक्कर के सौंदर्यीकरण के लिए गोद देने की योजना पर भी काम चल रहा है। साथ ही प्रवेश द्वारों का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा।