केंद्र सरकार के नए बजट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। हाई-स्पीड रेल, एमएसएमई, फार्मा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
केंद्र सरकार के नए बजट में किए गए ऐलान से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र के विकास को तेज रफ्तार मिलने वाली है। बजट में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग पर खास जोर दिया गया है जिससे पूरे इलाके की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। हाई-स्पीड रेल, एमएसएमई, फार्मा और सेमीकंडक्टर जैसे चार बड़े सेक्टर इन क्षेत्रों के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे। इससे न सिर्फ बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी बल्कि निवेश और रोजगार के नए मौके भी पैदा होंगे।
दिल्ली से वाराणसी हाई-स्पीड रेल का सीधा फायदा
बजट में दिल्ली से वाराणसी तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इसका सीधा फायदा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी को मिलेगा। इस रेल कॉरिडोर का पहला स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के पास प्रस्तावित है। यह रेल लाइन नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे से होते हुए वाराणसी तक जाएगी। सर्वे और शुरुआती अध्ययन पहले ही पूरे हो चुके हैं, अब बजट के बाद इस परियोजना को स्पीड मिलने की उम्मीद है। हाई-स्पीड रेल से यात्रा का समय कम होगा, जिससे रियल एस्टेट, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यमुना सिटी आने वाले समय में एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभर सकती है।
एमएसएमई और वस्त्र उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
बजट में एमएसएमई और वस्त्र उद्योग पर दिए गए फोकस से यमुना सिटी में विकसित हो रहे एमएसएमई और अपैरल क्लस्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। यहां पहले से जमीन आवंटन और बुनियादी ढांचे का काम चल रहा है। सरकार की योजनाओं से सस्ते लोन, तकनीकी सुधार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इससे छोटे और मध्यम उद्योग यहां अपनी यूनिट लगाने के लिए आगे आएंगे। अपैरल क्लस्टर के विकसित होने से स्थानीय युवाओं, खासकर महिलाओं के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे।
मेडिकल डिवाइस पार्क को मिलेगा बजट से बूस्ट
बजट में फार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई है। इसका सीधा असर यमुना सिटी में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क पर पड़ेगा।
फंड मिलने से सड़क, बिजली, पानी और कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं तेजी से तैयार होंगी। इससे मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनियां यहां निवेश करेंगी। यह पार्क आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा मिलेगा।
नोएडा और यमुना सिटी बनेंगे टेक्नोलॉजी हब
सेमीकंडक्टर नीति 2.0 नोएडा और यमुना सिटी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। यहां उत्तर भारत का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की तैयारी है, जिसे एचसीएल और फॉक्सकॉन मिलकर चलाएंगे। 46 एकड़ में बनने वाले इस प्लांट से हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ सप्लायर कंपनियां, रिसर्च सेंटर और कुशल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार की सब्सिडी और सुविधाओं से इस परियोजना को तेजी मिलेगी।