अगर आप भी एनसीआर में लैविश लाइफस्टाइल के साथ ग्रीन, लग्जरी ड्रीम होम का सपना देख रहे हैं तो नोएडा और ग्रेटर नोएडा से बेहतर और कोई जगह नहीं हो सकती | यहां का इन्फ्रास्ट्रक्चर काफी बेहतर है. साथ ही यहां कीमतें भी गुरुग्राम से कम हैं. आइए जानते हैं नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पांच सबसे महंगे इलाकों के बारे में और कीमत के बारे में
दिल्ली-एनसीआर में अब रियल एस्टेट का नया केंद्र नोएडा और ग्रेटर नोएडा बन चुका है. लैविश लाइफस्टाइल के साथ कंफर्ट और लग्जरी यहां की पहचान बन चुकी है. इतना ही नहीं बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, चौड़ी सड़कें, ग्रीन सेक्टर, मेट्रो कनेक्टिविटी और बड़े प्रोजेक्ट्स ने इस पूरे जोन को नेक्स्ट जेनरेशन सिटी मॉडल बना दिया है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा आज सिर्फ रहने की जगह नहीं रहे, बल्कि एक सस्टेनेबल अर्बन विजन का उदाहरण बन गए हैं. दिल्ली की तुलना में कम प्रदूषण, बेहतर सिटी प्लानिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट ने इसे परिवारों और निवेशकों दोनों के लिए पसंदीदा बना दिया है.
दो एक्सप्रेसवे के बीच में बसेगी टाउनशिप, सस्ते दाम में मिलेंगे प्लॉट, इस शहर के आगे पानी भरेंगे गुड़गांव-नोएडा पिछले कुछ वर्षों में यहां की प्रॉपर्टी वैल्यू में 40 से 70 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, और आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के कारण यह ट्रेंड और तेज होगा. क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता, अध्यक्ष, का कहना है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा आज पूरे उत्तर भारत का सबसे व्यवस्थित और तेजी से विकसित होता अर्बन बेल्ट है. यहां का ग्रोथ मॉडल सरकार, अथॉरिटी और डेवलपर्स की साझा दृष्टि का परिणाम है. आने वाले पांच वर्षों में जब जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और मेट्रो विस्तार पूर्ण होंगे, तब यह इलाका सिर्फ एनसीआर नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अर्बन डेवलपमेंट का बेंचमार्क बनेगा. हालांकि क्या आपको मालूम है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कौन से इलाके सबसे महंगे हैं? नहीं? तो आइए जानते हैं यहां के 5 सबसे महंगे इलाकों के बारे में जो यहां की पहचान बन चुके हैं
सेक्टर-44, नोएडा: लक्जरी और लोकेशन का बेजोड़ संगम
नोएडा का सेक्टर-44 हमेशा से एलीट क्लास की पहली पसंद रहा है. यह सेक्टर बॉटनिकल गार्डन, मेट्रो स्टेशन और नोएडा गोल्फ कोर्स के बेहद करीब है. यहां के बंगले और हाउसिंग सोसाइटियां शांत, हरे-भरे और विशाल स्पेस से भरी हैं. सीमित डेवलपमेंट और लो-डेंसिटी स्ट्रक्चर ने यहां की वैल्यू को लगातार ऊपर बनाए रखा है. एसकेबी के सीएमडी विकास पुंडीर ने कहा कि नोएडा अब सिर्फ दिल्ली का विकल्प नहीं बल्कि उससे आगे निकल चुका शहर है. यहां का मास्टरप्लान, सड़कों की चौड़ाई, मेट्रो कनेक्टिविटी और क्लीन इंफ्रास्ट्रक्चर मिलकर इसे ग्लोबल स्टैंडर्ड का सिटी मॉडल बना रहे हैं. आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी जैसे प्रोजेक्ट इसे उत्तर भारत का सबसे प्रीमियम रियल एस्टेट मार्केट बना देंगे. यहां प्रॉपर्टी रेट: 40,000 से 55,000 रुपये प्रति वर्गफुट तक चल रहा है.
सेक्टर-47, नोएडा: हरियाली और सुविधाओं का परफेक्ट कॉम्बिनेशन
यह सेक्टर उन परिवारों की पसंद है जो शहर के बीच रहकर भी सुकून चाहते हैं. स्कूल, हॉस्पिटल, पार्क, मॉल और क्लबहाउस सब कुछ वॉकिंग डिस्टेंस पर मौजूद है. यह सेक्टर सिटी सेंटर, सेक्टर-18 और एक्सप्रेसवे, तीनों से बेहतरीन कनेक्टिविटी रखता है. डिलिजेंट ग्रुप के सीओओ ले.क.अश्वनी नागपाल, (रिटा) के अनुसार नोएडा देश के चुनिंदा रियल एस्टेट डेस्टिनेशन में से एक है जिसका कारण है इसका योजनाबद्ध तरीके से विकास. इन्डस्ट्रीअल और हाउज़िंग की ज़ोनिंग, ट्राफिक और सेफ्टी पर प्रशासन का नियंत्रण यहां रहने के अनुभव को अलग बनाता है. तेजी से बढ़ते रोड, मेट्रो, एयरपोर्ट जैसे एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट ने इसे वास्तव में रहने लायक शहर बना दिया हैं. यहां प्रॉपर्टी रेट 12,000 से 25,000 रुपये प्रति वर्गफुट तक हैं.
सेक्टर-150, नोएडा: सबसे ग्रीन और स्पोर्ट्स-फ्रेंडली सेक्टर
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर स्थित यह सेक्टर शहर का सबसे ‘ग्रीन पॉकेट’ कहलाता है. लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पार्क और ओपन स्पेस के लिए रिजर्व है. यहां लक्जरी टाउनशिप्स, गोल्फ कोर्स, इंटरनेशनल स्कूल और हेल्थ क्लब जैसी सुविधाएं मौजूद हैं. महागुन, रेनॉक्स और सुपरटेक जैसे ग्रुप्स के प्रोजेक्ट्स यहां के स्काईलाइन को डिफाइन कर रहे हैं. रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि नोएडा में रियल एस्टेट सेक्टर के विकास ने अन्य पड़ोसी रेसीडेंशियल डेस्टिनेशन को भी दिशा दी है जो क्वालिटी ओवर क्वांटिटी पर आधारित है. यहां बिल्डर्स अब सिर्फ प्रोजेक्ट से आगे बढ़कर एक अनुभव का निर्माण कर रहे हैं जिसके कारण लोग नोएडा और इसके आस पास के क्षेत्र में रहने को प्राथमिकता देना चाहते है. इसमे नोएडा के साथ अब ग्रेटर नोएडा भी जुड़ गया है जहां प्लानिंग और एक्जीक्यूशन में क्लैरिटी है. यहां प्रॉपर्टी रेट 20,000 से 35,000 रुपये प्रति वर्गफुट तक है.
सेक्टर-120 और आसपास के सेक्टर्स, नोएडा: आधुनिक टाउनशिप और हाई-राइज का हॉटस्पॉट
नोएडा का सेक्टर-120 और इसके आसपास के सेक्टर्स (121, 122, 125) आधुनिक टाउनशिप्स और हाई-राइज अपार्टमेंट्स के लिए जाने जाते हैं. एक्सप्रेसवे और मेट्रो लिंक के कारण यह बेल्ट निवेश और रहने दोनों के लिए हॉटस्पॉट बन चुका है. स्कूल, हॉस्पिटल, रिटेल कॉम्प्लेक्स और क्लब सुविधाएं इसे परिवारों के लिए आदर्श बनाती हैं. आरजी ग्रुप के डायरेक्टर हिमांशु गर्ग के अनुसार सेक्टर 120 और आसपास का इलाका सेंट्रल नोएडा का इलाका कहलाता है. चाहे एक्सप्रेस वे हो या एफएनजी यहां से कनेक्टिविटी बेहतरीन है.यहां मौजूद हमारे प्रोजेक्ट आरजी मिराज को भी बेहतरीन रिस्पांस मिला है. आने वाले समय में यह इलाका और बेहतरीन रियल एस्टेट हब बनकर उभरेगा. यहां प्रॉपर्टी रेट: 9,000 से 20,000 रुपये प्रति वर्गफुट तक हैं.
सेक्टर-1 और सेक्टर-2, ग्रेटर नोएडा वेस्ट का प्रीमियम बेल्ट
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के ये सेक्टर आधुनिक टाउनशिप्स और हाई-राइज़ अपार्टमेंट्स के लिए प्रीमियम बेल्ट बन चुके हैं. एक्सप्रेसवे, मेट्रो और आसपास के कॉमर्शियल हब की वजह से यह बेल्ट निवेश और रहने दोनों के लिए सबसे पसंदीदा है. निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग के अनुसार ग्रेटर नोएडा का सेक्टर 1 व दो सबसे बेहतरीन लोकेशन बनके उभर रहे हैं. एफएनजी के साथ ही ये दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से भी डायरेक्ट कनेक्ट हैं. इसके साथ ही आसपास कई बेहतरीन स्कूल और हॉस्पिटल्स आने से रहने के लिए और बेहतर हो गया है. यही कारण है कि हमारे निराला ट्रिओ के साथ ही अन्य कई डेवलपर यहां प्रोजेक्टस लेकर आ रहे हैं. यहां प्रॉपर्टी रेट 6,500 से 12,000 रुपये प्रति वर्गफुट तक हैं .
क्यों इतने महंगे हैं ये इलाके? कनेक्टिविटी और सुविधाओं का कमाल
- एक्सप्रेसवे नेटवर्क दिल्ली, गुरुग्राम और जेवर एयरपोर्ट से सहज कनेक्टिविटी ने रियल एस्टेट वैल्यू बढ़ाई है.
- मेट्रो और ट्रांसपोर्ट लिंक ब्लू लाइन, एक्वा लाइन और आने वाला एयरपोर्ट लिंक पूरे बेल्ट को जोड़ता है.
- सिटी प्लानिंग नोएडा अथॉरिटी का सेक्टर-बेस्ड डेवलपमेंट और ओपन ग्रीन रेश्यो देश में सबसे व्यवस्थित मॉडल है.
- प्रीमियम लाइफस्टाइल इंफ्रास्ट्रक्चर फोर्टिस, अमिटी, मॉल ऑफ इंडिया, और फिल्म सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स ने शहर की पहचान बदली है.
- मेगा प्रोजेक्ट्स का बूस्ट जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, मेट्रो एक्सटेंशन और आईटी पार्क्स यहां के भविष्य को परिभाषित करेंगे.