UP Government ने एक बार फिर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट विकास प्राथमिकताओं को गति देने के इरादे

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर विकास प्राथमिकताओं को गति देने के इरादे से आईएएस राकेश कुमार सिंह को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है, साथ ही उन्हें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) परियोजना का मुख्य प्रभारी अधिकारी भी बनाया गया है।

अब तक मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव पद पर कार्यरत राकेश कुमार सिंह की गिनती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद अधिकारियों में होती है। उनकी कार्यशैली तेज, परिणामोन्मुखी और समन्वय आधारित मानी जाती है। इन दोनों जिम्मेदारियों को उनके कंधों पर सौंपे जाने का निर्णय इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार अब जेवर एयरपोर्ट जैसी मेगा परियोजनाओं को और आक्रामक ढंग से आगे बढ़ाना चाहती है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता है, न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए विकास का इंजन माना जा रहा है। यह देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने की ओर अग्रसर है। परियोजना का पहला चरण 2024 के अंत तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना में निवेश, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और निर्माण से संबंधित कई स्तरों पर तेज निर्णयों की आवश्यकता है। यही कारण है कि प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारी को इसकी कमान सौंपी गई है।

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण का दायरा अब सिर्फ औद्योगिक प्लॉट अलॉटमेंट तक सीमित नहीं रह गया है। यह क्षेत्र अब एरोस्पेस, लॉजिस्टिक्स, डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग और टाउनशिप डेवलेपमेंट जैसे हाई-वैल्यू क्षेत्रों का केंद्र बन चुका है। इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ते निवेश प्रस्तावों और इंफ्रास्ट्रक्चर आवश्यकताओं को देखते हुए एक दृढ़, योजनाबद्ध और निवेशक-मैत्री सोच वाले अधिकारी की जरूरत थी, जो अब राकेश कुमार सिंह के रूप में पूरी होती दिख रही है।

राकेश कुमार सिंह 2004 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे इससे पहले राजस्व, शहरी विकास, श्रम, वाणिज्य, व आबकारी विभागों में भी कार्य कर चुके हैं। उन्हें नीतिगत पारदर्शिता, फाइल प्रोसेसिंग की गति और इंटर डिपार्टमेंटल कोआॅर्डिनेशन के लिए प्रशासनिक हलकों में जाना जाता है। उनकी नई भूमिका में उनसे अपेक्षा की जा रही है कि वे जेवर एयरपोर्ट को तय समयसीमा में पूरा कराएं, यीडा क्षेत्र में निवेशकों को सहजता से भूमि आवंटन और सेवाएं दिलाएं, और स्थानीय जनता के हितों की रक्षा करते हुए संतुलित विकास को सुनिश्चित करें। इन दोनों पदों पर उनकी नियुक्ति से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश सरकार गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र को उत्तर भारत के सबसे बड़े आर्थिक हब के रूप में विकसित करने को लेकर बेहद गंभीर है। आने वाले समय में ये दोनों संस्थाएं यीडा और नोएडा एयरपोर्ट राज्य के आर्थिक नक्शे को नई दिशा देने वाली आधारशिला साबित हो सकती हैं।

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