उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट का नया हॉटस्पॉट बन गया है. यूपी रेरा ने हाल ही में 2,009 करोड़ रुपए से अधिक की 9 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें 1,586 लग्जरी फ्लैट्स और विला बनेंगे. नोएडा को सर्वाधिक 1,537 करोड़ रुपए का निवेश मिला. ये परियोजनाएं हजारों नौकरियां पैदा करेंगी और राज्य के छोटे-बड़े उद्योगों को बढ़ावा देंगी.
उत्तर प्रदेश एक बार फिर रियल एस्टेट का हॉट डेस्टिनेशन बन गया है. यूपी रेरा ने एक ही बैठक में 2,009 करोड़ रुपये से ज्यादा की 9 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी. इनमें 1,586 लग्जरी फ्लैट्स, प्लॉट्स और विलाज बनेंगे. सबसे बड़ी हिस्सेदारी नोएडा की है, जहां अकेले 1,537 करोड़ का निवेश आएगा.
यूपी रेरा मुख्यालय में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में हुई मैराथन बैठक में ये सभी प्रोजेक्ट पास हुए. रेरा अधिकारियों के मुताबिक, ये परियोजनाएं सिर्फ घर नहीं बनाएंगी, बल्कि हजारों नौकरियां पैदा करेंगी और स्टील-सीमेंट से लेकर पेंट-टाइल्स तक के छोटे-बड़े उद्योगों को नई रफ्तार देंगी.
बैठक में नोएडा में 1,536.99 करोड़ रुपए की लागत की तीन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. यहां सबसे ज्यादा निवेश होगा. लखनऊ में 283.76 करोड़ की लागत की 1 प्रोजेक्ट, बाराबंकी में 120.85 करोड़ की लागत की 2 प्रोजेक्ट्स, चंदौली में 37.85 करोड़ की लागत से एक प्रोजेक्ट, अलीगढ़ में 17.72 करोड़ की लागत से एक प्रोजेक्ट और प्रयागराज में 11.47 करोड़ की लागत से एक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है.
कुल 2008 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी
इसमें कुल2,008.64 करोड़ रुपए के निवेश होंगे. फ्लैट्स, प्लॉट्स और विला मिलाकर कुल 1,586 यूनिट्स का निर्माण होगा. नोएडा फिर से नंबर वन बना है.
एनसीआर से सटा होने और जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, डेटा सेंटर जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स की वजह से नोएडा-ग्रेटर नोएडा निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है. पिछले एक साल में ही यहां 20,000 करोड़ से ज्यादा के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है.
रेरा चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने क्या कहा?
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में भूसरेड्डी ने कहा, ये परियोजनाएं साबित करती हैं कि उत्तर प्रदेश अब संरचित और पारदर्शी रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बन चुका है. हम हर प्रोजेक्ट की कड़ी जांच करते हैं ताकि खरीदार का एक-एक पैसा सुरक्षित रहे. यही वजह है कि देश-विदेश के बड़े बिल्डर अब यूपी को प्राथमिकता दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल और बुंदेलखंड को भी मिलेगा बूस्टचंदौली और प्रयागराज में मिली मंजूरी से साफ है कि अब सिर्फ नोएडा-लखनऊ ही नहीं, पूर्वांचल के छोटे शहर भी रियल एस्टेट मानचित्र पर चमकने लगे हैं.
2026 तक 1 लाख करोड़ से अधिक निवेश के आसार
विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे ने इन इलाकों की कनेक्टिविटी इतनी बेहतर कर दी है कि अब वहाँ भी लग्जरी टाउनशिप और प्लॉटिंग प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं.
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि साल 2026 तक उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश होने के आसार हैं. लखनऊ, नोएडा और आगरा के बाद अब चंदौली, बाराबंकी, अलीगढ़ जैसे टियर-2 शहर भी निवेशकों की रडार पर हैं. यूपी की रियल एस्टेट स्टोरी अब सिर्फ सपनों की नहीं, हकीकत की ईंटों से बन रही है!