यमुना प्राधिकरण ने तेज की जमीन खरीद प्रक्रिया, इन गांवों का आएगा नंबर, फिल्मसिटी से लेकर बसेंगे आवासीय-औद्योगिक सेक्टर

जानकारी के अनुसार, अधिकांश जमीन खरीद औद्योगिक सेक्टरों के लिए की जा रही है. कई उद्यमियों को प्लॉट आवंटन के बावजूद कब्जा नहीं मिल सका था, क्योंकि जमीन अधिग्रहण अधूरा था.

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में लंबे समय से जमीन की कमी के कारण अटकी कई परियोजनाओं को अब गति मिलने वाली है. प्राधिकरण ने जमीन खरीद को प्राथमिकता पर रखते हुए तेजी से काम शुरू कर दिया है. इससे न केवल नई औद्योगिक परियोजनाओं का रास्ता साफ होगा, बल्कि फिल्म सिटी जैसी बहुप्रतीक्षित योजना को भी बल मिलेगा. जमीन की कमी से यहां कई परियोजनाएं ठप थीं. यमुना प्राधिकरण के कई सेक्टरों में अब तक अधिग्रहण पूरा नहीं हो सका था. कहीं किसानों की आपत्ति थी तो कहीं कोर्ट में केस लंबित थे. इन कारणों से कई सेक्टरों में निर्माण कार्य बीच में रुक गए थे. अब प्राधिकरण के अफसरों ने इन बाधाओं को दूर करने की दिशा में तेजी से काम शुरू किया है.

किन गांवों में होगी जमीन की खरीद… जमीन खरीद का दायरा अब कई नए और पुराने सेक्टरों तक बढ़ा दिया गया है.

फिल्म सिटी परियोजना को नई रफ्तार
यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में सेक्टर-21 में प्रस्तावित फिल्म सिटी परियोजना के लिए 1,000 एकड़ जमीन तय है. अभी तक 230 एकड़ जमीन ही अधिग्रहित की जा चुकी है. बाकी जमीन की खरीद प्रक्रिया को अब तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य शुरू किया जा सके.

फिल्म सिटी परियोजना को लेकर कई बड़ी फिल्म प्रोडक्शन कंपनियां और OTT प्लेटफॉर्म पहले ही रुचि दिखा चुके हैं. जमीन का अधिग्रहण पूरा होते ही इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारा जाएगा, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है.

औद्योगिक सेक्टरों को मिलेगी राहत
जानकारी के अनुसार, अधिकांश जमीन खरीद औद्योगिक सेक्टरों के लिए की जा रही है. कई उद्यमियों को प्लॉट आवंटन के बावजूद कब्जा नहीं मिल सका था, क्योंकि जमीन अधिग्रहण अधूरा था. अब इन सेक्टरों में जमीन मिलने के बाद उद्यमियों को कब्जा दिया जाएगा, ताकि वे निर्माण कार्य शुरू कर सकें. इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को नया प्रोत्साहन मिलेगा.

आवासीय सेक्टरों में भी तेजी
सेक्टर-5 जैसे क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाएं विकसित की जानी हैं. प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि जैसे-जैसे जमीन खरीदी पूरी होगी, वैसे-वैसे प्लॉटिंग और निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी. यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, हमारा फोकस फिलहाल जमीन खरीद और अधिग्रहण से जुड़ी बाधाओं को दूर करना है. किसान हितों को ध्यान में रखते हुए सहमति से जमीन खरीदी जा रही है. इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा.

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