यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में अब भवनों के ऑडिट के बाद ही कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) मिलेगा। यीडा ऑफिस में शनिवार को आयोजित 86वीं बोर्ड बैठक में चेयरमैन आलोक कुमार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी ।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि गौतमबुद्धनगर में ऊंची इमारतें कभी आधुनिक शहरी जीवन व सपनों के घर की पहचान हुआ करती थी, लेकिन आज इन ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं की बदहाल स्थिति ने निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। जगह-जगह सीलन, झड़ती प्लास्टर की परतें, लिफ्ट और अग्निशमन यंत्रों की खराब व्यवस्था, तथा नींव से लेकर ढांचे तक की कमजोरियों के चलते निवासी डर के साये में रह रहे हैं। ऐसे में निवासियों की इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए बोर्ड बैठक में एक अहम निर्णय लिया है।
अब 15 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई की ग्रुप हाउसिंग व व्यावसायिक भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इमारतें लंबे समय तक सुरक्षित खड़ी रह सकेगी या नहीं।
सर्वे की जिम्मेदारी आईआईटी, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय और सीएसआईआर के अंतर्गत स्ट्रक्चरल कंसलटेंट का पैनल तैयार किया जाएगा। इन भवनों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट तभी जारी होगा, जब ऑडिट रिपोर्ट ठीक मिलेगी।
प्राधिकरण का मानना है कि इस व्यवस्था से बिल्डर घटिया सामग्री का निर्माण नहीं कर सकेंगे। साथ ही ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं पर खरीदारों का भरोसा भी बढ़ेगा। साथ ही यह ऑडिट ना सिर्फ औपचारिकता बल्कि ठोस कार्रवाई का आधार बनेगा। खामियां मिलने पर मरम्मत, पुनर्निर्माण और बिल्डरों की जिम्मेदारी तय हो सकेगी। साथ ही लोगों को करोड़ों रुपए लगाकर फ्लैट लेने पर पछतावा भी नहीं होगा।
10 हजार किसानों के घर दिवाली मनेगी : जेपी इंफ्राटेक के 10 हजार किसानों के घर दिवाली मनेगी। प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेसवे के लिए जमीन देने वाले इन किसानों को मुआवजे बांटने की तैयारी कर ली है। दिवाली तक सभी किसानों को रकम मिलनी शुरू हो जाएगी।
एनसीएलएटी ने मार्च 2023 में जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड की परियोजनाओं का सुरक्षा समूह को हस्तांतरित करने का फैसला दिया था। इसके बाद जेपी इंफ्राटेक से प्रभावित किसानों को 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा के लिए 1689 करोड़ रुपये आदि मुद्दे को लेकर बातचीत न बनने पर यमुना प्राधिकरण ने एनसीएलएटी कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन कोर्ट ने पिछले वर्ष ही जेपी इंफ्राटेक का अधिग्रहण कर रही कंपनी सुरक्षा समूह के पक्ष फैसला दिया है।
यमुना प्राधिकरण ने पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार सात करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त किया। वर्ष 2024-25 में प्राधिकरण ने 1307 करोड़ राजस्व प्राप्त किया था, जो इस बार 1314 करोड़ रहा। यदि बात खर्चे की करें तो वर्ष 2024-25 में जमीन खरीद समेत अन्य कार्यों पर 1474 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इस वर्ष 2063 करोड़ अब तक खर्च हो सके हैं। दावा है कि इस बार राजस्व प्राप्ति 100.48 प्रतिशत रही है।