केंद्र सरकार ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक मेट्रो के रूट को अपनी मंजूरी दे दी। यह मार्ग 2.6 किलोमीटर लंबा और एक्वा लाइन का एक्सटेंशन होगा। केंद्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने मेट्रो रूट की मंजूरी के संबंध में नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) को पत्र सौंप दिया है। एक्वा लाइन के अंतर्गत अभी नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा डिपो तक मेट्रो चल रही है। एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद ने बताया कि करीब दो महीने पहले 26 मई को केंद्र के समक्ष इस रूट की योजना पर प्रस्तुतीकरण भी दिया था।
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक मेट्रो चलाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद यह रूट तीन वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा।
ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक दो नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए 2.6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक बिछाया जाएगा। इन पर करीब 416.34 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। निर्माण कार्य के लिए डिजाइन सलाहकार के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद अगले पांच-छह महीने में टेंडर जारी होगा। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद यह तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा। ऐसे में उम्मीद है कि वर्ष 2028 के अंत तक इस रूट पर मेट्रो चलने लगेगी। एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद ने बताया कि अभी एक्वा लाइन पर नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेनो के डिपो मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो चल रही है। अब ग्रेनो डिपो से बोड़ाकी तक मेट्रो जाएगी।
बोड़ाकी बड़ा मेट्रो स्टेशन होगा। यहां मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनना है। इस हब में लोगों के ठहरने के लिए होटल भी बनाए जाएंगे। यहां ट्रेन, मेट्रो, अंतरराज्यीय बस अड्डा और स्थानीय ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनल बनाया जाएगा। ऐसे में अधिक संख्या में लोगों की आवाजाही रहेगी। इसको देखते हुए ही इस रूट पर मेट्रो चलाए जाने का निर्णय लिया गया।