यूपी सरकार दिल्ली से सटे नोएडा के आगे 5 नए शहर बसाने की तैयारी कर रही है. ये शहर जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास 56,000 हेक्टेयर में बसाए जाएंगे. एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले 10 सालों में ये टाउनशिप प्रोजेक्ट लाए जाएंगे
यूपी सरकार दिल्ली से सटे नोएडा के आगे 5 नए शहर बसाने की तैयारी कर रही है. ये शहर जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास 56,000 हेक्टेयर में बसाए जाएंगे. इन शहरों को बसाने का मकसद एयरपोर्ट के विकास के साथ-साथ एक विशाल शहरी विस्तार योजना को साकार करना है. एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले 10 सालों में ये टाउनशिप प्रोजेक्ट लाए जाएंगे. इससे नोएडा में निवेश का दायरा और बढ़ेगा.
ऐसे में 2025 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लॉन्च से नोएडा में रियल एस्टेट और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है. लेकिन, उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना से यहां प्रॉपर्टी सेक्टर को और गति मिलेगी.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पहले से ही प्रॉपर्टी की कीमतें ज्यादा हैं. पिछले 3 वर्षों में लगभग दोगुनी हो गई हैं. नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट्स एक फ्लैट की कीमत 2 करोड़ रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. दरअसल, इस शहर में माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस और इंफोसिस जैसी प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ-साथ सैमसंग, एलजी और होंडा जैसी कंपनियों ने अपने प्लांट और ऑफिसेज खोले हैं.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में न्यू अर्बन डेवलपमेंट मुख्य रूप से यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे हो रहा है, जहां जेवर हवाई अड्डा स्थित है. इस एक्सप्रेसवे से नोएडा, मथुरा, आगरा और बुलंदशहर के बीच कनेक्टिविटी बनी रहेगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
ये पांच टाउनशिप दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट एरिया या न्यू नोएडा, हेरिटेज सिटी (जिसे राया अर्बन सेंटर भी कहा जाता है), न्यू आगरा, टप्पल-बाजना और आईआईटीजीएन (इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा) हैं.
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पास न्यू नोएडा और IITGN को औद्योगिक केंद्र बनाया जाएगा. हेरिटेज सिटी में धार्मिक पर्यटन और ब्रज संस्कृति पर ध्यान दिया जाएगा. न्यू आगरा का लक्ष्य ताज शहर में एक नया पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी जिला विकसित करना है. टप्पल-बाजना को भी एक औद्योगिक टाउनशिप के रूप में विकसित करने की योजना है. ये सभी क्षेत्र विशिष्ट उद्देश्यों के साथ नियोजित किए जा रहे हैं.
न्यू नोएडा, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यह भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में औद्योगिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाला शहर साबित होगा.