नोएडा-ग्रेटर नोएडा में नई मेट्रो लाइन का इंतजार सालों से फाइलों में अटकी योजना

नोएडा-ग्रेटर नोएडा शहर का अधिकांश हिस्सा बस चुका है। इन दोनों शहरों के बीच रोजाना लाखों लोग नौकरी, व्यवसाय, पढ़ाई और कामकाज के लिए आते-जाते हैं। इन लोगों के लिए इन दोनों शहरों के बीच सिर्फ एक रूट पर ही मेट्रो चल रही है। वह भी उस रूट पर जहां सवारियों की संख्या अधिक नहीं है। जिन रूट पर सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां पर मेट्रो चलाने के लिए योजना सात-आठ साल से फाइलों में घूम रही है।

नोएडा को ग्रेनो से मुख्यत: चार रास्ते जोड़ते हैं। इनमें नोएडा के महामाया फ्लाईओवर से ग्रेटर नोएडा के परी चौक, नोएडा के सेक्टर-37 से सूरजपुर, नोएडा के सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा के सेक्टर-51 से फेज टू होते हुए परी चौक समेत ग्रेनो के आगे का हिस्सा आता है। इस समय नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन तक मेट्रो चल रही है। इसके अलावा नोएडा से ग्रेनो के बीच किसी रूट पर मेट्रो कनेक्टिविटी नहीं है। लोग निजी बसों, प्राइवेट कैब, रेपिडो के भरोसे रहते हैं। लोगों का कहना है कि जिस तेजी से नोएडा व ग्रेटर नोएडा का विस्तार हो रहा है, उसी रफ्तार से यहां पर जल्द दोनों नए रूट पर मेट्रो चलाए जाने की जरुरत है। ग्रेनो वेस्ट में किसान चौक से एक मूर्ति के बीच की सोसाइटियां बन रही हैं, जिनमें लाखों लोग रहने आएंगे।

बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक भी बढ़ती जा रही मांग
ग्रेनो एक्सप्रेसवे के आसपास सेक्टर, सोसाइटी और गांवों में लाखों लोग रह रहे हैं। यहां काफी कंपनियां भी खुल चुकी हैं, जिनमें दिल्ली-एनसीआर से लोग कामकाज के लिए आते हैं। इस रूट पर बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक मेट्रो चलनी प्रस्तावित है। इस रूट पर मेट्रो चलाने की योजना करीब पांच-छह साल पहले बनाई गई थी। इस रूट की डीपीआर को पिछले साल दिसंबर में यूपी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी थी। केंद्र सरकार के पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) ने अगस्त में इस रूट को मंजूरी दे दी थी। अब कैबिनेट ने मंजूरी होनी बाकी है। नोएडा में सेक्टर-38ए में बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन बना हुआ है। यहां से दिल्ली के दो अलग-अलग लाइन के लिए ब्लू और मजेंटा लाइन पर मेट्रो चलती

ग्रेनो वेस्ट से नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो की सबसे ज्यादा जरूरत
नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट होकर नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो की सबसे ज्यादा जरूरत है। किसान चौक से एक मूर्ति और दूसरी तरफ बिसरख हनुमान मंदिर की तरफ काफी सोसाइटियां बस चुकी हैं, जिनमें लाखों लोग रहते हैं। इस रूट पर मेट्रो चलाने के लिए वर्ष 2017 में योजना तैयार की गई थी। नवंबर 2019 में यूपी कैबिनेट ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी थी। डीपीआर को केंद्र सरकार के पास भेजा गया। केंद्र की टीम ने इस रूट पर आपत्ति जताई। इसके बाद नोएडा से ग्रेनो वेस्ट होते हुए नॉलेज पार्क-5 तक नया रूट बनाया गया। इस प्रक्रिया में करीब पांच साल गुजर गए। 10 महीने पहले यूपी कैबिनेट ने नए रूट की डीपीआर को मंजूरी दे थी। अब केंद्र सरकार से मंजूरी का इंतजार है।

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