जेवर एयरपोर्ट के पास इंटरनेशनल फिल्म सिटी की डिजाइन अब AAI के नए बायलॉज के कारण बदलेगी, बिल्डिंग ऊंचाई 109 मीटर तक सीमित होगी, प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है.
जेवर एयरपोर्ट के पास बन रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी के डिजाइन में अब बदलाव होने जा रहा है. कारण है एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) का नया बिल्डिंग बायलॉज. अथॉरिटी ने एयरपोर्ट से 20 किलोमीटर की परिधि में आने वाले इलाकों के लिए बिल्डिंग की ऊंचाई तय करने के नियम जारी किए हैं. इन नियमों के चलते फिल्म सिटी प्रोजेक्ट पर काम कर रही कंपनी को अपनी पुरानी प्लानिंग और डिजाइन को फिर से बदलना पड़ेगा.
जानकारी के अनुसार, फिल्म सिटी एयरपोर्ट से करीब 14.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी. यह इलाका जोन-4 के दायरे में आता है, जहां 109 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली कोई भी इमारत खड़ी नहीं की जा सकेगी. इससे पहले कंपनी ने जो डिजाइन तैयार किया था, उसमें बिल्डिंग की ऊंचाई को लेकर इस तरह की कोई सीमा शामिल नहीं थी.
फिल्म सिटी बनाने वाले अधिकारियों के मुताबिक नए बायलॉज लागू होने के बाद निश्चित तौर पर हमें अपनी योजना और डिजाइन में बदलाव करना होगा. उन्होंने यह भी माना कि अब तक की गई प्लानिंग नए मानकों के अनुरूप नहीं है, इसलिए नए सिरे से डिजाइन तैयार करना होगा.
फिल्म सिटी का लेआउट पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है. पहले चरण में कुल 230 एकड़ जमीन पर काम होना है. इसमें से हाल ही में 80 एकड़ का नक्शा भी पास हो चुका है. इस हिस्से में जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है. इसके अलावा, पहले चरण में ही 26 एकड़ जमीन पर ग्रीन बेल्ट विकसित करनी होगी. बची हुई लगभग 150 एकड़ जमीन का नक्शा अभी स्वीकृत होना बाकी है.
फिल्म सिटी प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है. इसका उद्देश्य प्रदेश को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है. यहां अत्याधुनिक शूटिंग स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन हब, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए विशेष जोन और इंटरनेशनल स्तर का फिल्म प्रोडक्शन वातावरण तैयार करने की योजना है. नए बायलॉज के कारण जहां डिजाइन में बदलाव करना पड़ेगा, वहीं अधिकारियों का मानना है कि इससे प्रोजेक्ट और भी व्यवस्थित और सुरक्षित होगा.
विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार संशोधित डिजाइन तैयार होने के बाद फिल्म सिटी का निर्माण तेज गति से शुरू हो सकेगा. यह प्रोजेक्ट न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की फिल्म इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है.