चार फेज में बसेगा नया नोएडा जमीन अधिग्रहण के लिए जल्द तय होगी मुआवजा दर

नोएडा में नया नोएडा बसाने की तैयारी है जिसके लिए 80 गांवों को अधिसूचित किया गया है। किसानों को मुआवजा देने के लिए जिलाधिकारी और नोएडा प्राधिकरण के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है जिसमें मुआवजा दर तय की जाएगी। पहले चरण में 3165 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा और नया नोएडा को चार चरणों में बसाने की योजना है।

दादरी नोएडा गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआइआर) के रूप में विकसित होने वाले ‘नया नोएडा’ के लिए 80 गांवों को अधिसूचित किया जा चुका है। इसका नोटिफिकेशन सरकार से जारी हो चुका है।

अब यहां पर निर्माण के लिए नोएडा प्राधिकरण से अनुमति लेनी होगी। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होनी है, लेकिन किसानों को किस दर से मुआवजा दिया जाए। इसके लिए अगले सप्ताह गौतमबुद्धनगर व बुलंदशहर जिलाधिकारी के साथ नोएडा प्राधिकरण अधिकारियों की एक बैठक होगी।

इस बैठक में मुआवजा दर तय की जाएगा। अभी तक यहां जमीन किसानों से आपसी सहमति के आधार पर लेने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्राधिकरण एक सलाहकार कंपनी का चयन भी कर चुका है।

प्राधिकरण सीईओ डा लोकेश एम ने बताया कि ‘नया नोएडा’ में जमीन अधिग्रहण के लिए मापदंड तय होना बेहद जरूरी है। इसी के लिए गौतमबुद्धनगर व बुलंदशहर जिलाधिकारी के साथ बैठक प्रस्तावित है।

ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के 20 और बुलंदशहर के 60 गांव की नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से कितनी दूरी है। यहां जमीन की उपयोगिता क्या है। इसके अलावा कई ऐसे गांव है जो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के नजदीक है। बुलंदशहर के गांवों का सर्किल रेट क्या है। इन सभी को मिलाकर एक निर्णय लिया जाएगा।

इन बातों का ध्यान रख कर नए शहर को बसाने में किसान हितों का ध्यान रखते हुए ही मुआवजा की दर तय की जाएगी। ‘नया नोएडा’ को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस के साथ जहां जीटी रोड अलग होता है। उसी जगह से सबसे पहले बसाया जाना है। यहां लगे गांव की जमीन का अधिग्रहण शुरू किया जाए।

इस गांव में जोखाबाद, सांवली भी आता है। इन गांवों के प्रधान से बातचीत की गई। यहां आपसी समझौते के आधार पर जमीन किसानों से खरीदी जाएगी। सबसे पहले 15 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

प्रत्येक गांव में करीब 200 किसान परिवार है। यानी कुल 16 हजार किसान परिवार है। इनके साथ बैठक की जाएगी। पहले फेज में 3165 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। ऐसे में किसानों के साथ बैठक हो चुकी है। इसके अलावा जोखाबाद और ग्राम सांवली में ही डीएनजीआइआर (नया नोएडा) का आस्थाई कार्यालय बनाया जाएगा।

चार फेज में बसेगा ‘नया नोएडा’
‘नया नोएडा’ को 209.11 वर्ग किमी में यानी 20 हजार 911.29 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। इस मास्टर प्लान को चार फेज में पूरा किया जाना प्रस्तावित है। प्रथम चरण में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 8,500 करोड़ रुपये से अधिक की जरूरत है, जिसके लिए 3,000 हेक्टेयर जमीन और प्राधिकरण ने वित्तीय बजट में ‘नया नोएडा’ के लिए 1000 करोड़ रुपये आरक्षित किया है।

प्रथम चरण में अनुमानित 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना जताई जा रही है। करीब एक लाख लोगों का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। इस नए शहर की कुलआबादी छह लाख मानी जा रही है, इसमें 3.5 लाख की आबादी माइग्रेट होने की संभावना है।लैंड पूल के जरिये किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी, जिसमें 8 हजार हेक्टेयर जमीन औद्योगिक निवेश के लिए आरक्षित की गई है।

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