नए चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में नोएडा अथॉरिटी की 219वीं बोर्ड बैठक में कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। शहर में सैकड़ों प्लॉट खाली है और कई पर 12 साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
नोएडा अथॉरिटी की 219वीं बोर्ड बैठक में शुक्रवार को कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। नए चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि जिनको आवासीय प्लॉट आवंटित हुए 12 साल हो गए और अभी तक निर्माण नहीं किया गया है, उनके आवंटन रद्द होगा। यही नहीं, जिनका निर्माण चल रहा है, उनको भी अगले 6 महीने में कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनके प्लॉट का आवंटन भी रद्द कर दिया जाएगा।
इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने खाली पड़े इंडस्ट्रियल प्लॉटों का आवंटन रद्द करने को कहा था। उन्होंने औद्योगिक विकास विभाग को निर्देश दिए थे कि जो इंडस्ट्रियल प्लॉट 3 साल पहले आवंटित हुए और निर्माण नहीं किया गया है, उनको रद्द किया जाए। तीनों प्राधिकरण अपने-अपने एरिया में ऐसे प्लॉटों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं।
तीनों अथॉरिटी में एक समान नियम हो, इसके लिए यूनिफाइड पॉलिसी तैयार की गई है। अथॉरिटी के बोर्ड ने इस पॉलिसी को अपने कार्यक्षेत्र में आंशिक बदलाव के साथ लागू करने की स्वीकृति दे दी। इसके तहत अब संस्थागत सीनियर सेकंडरी और नर्सिंग होम की स्कीम में सबसे पहले इसी के तहत आवंटन किया जाएगा। इसके अलावा सेक्टर-143 में 4 हजार वर्गमीटर में थाना बनाने के लिए जमीन देने के लिए भी अथॉरिटी के बोर्ड ने स्वीकृति दी है। पुलिस विभाग को निशुल्क यह थाने की जमीन दी जाएगी।
शहर के कई पुराने सेक्टरों में सैकड़ो आवासीय प्लॉट खाली पड़े है। ये सेक्टरों में रहने वाले लोगों के लिए सिरदर्दी बन रहे है। इनमें कई प्लॉट ऐसे हैं, जिनका आवंटन हुए 12 साल से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन अभी तक निर्माण नही कराया गया। हर बार एक्सटेंशन लेकर काम चलाया जा रहा है। अब इन प्लॉटो की लिस्ट तैयार कर आवंटन रद्द किया जाएगा। इन्हें एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा।
कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए आरएफपी जल्द
अभी सेक्टर-145 में जहा कूड़ा डाला जा रहा है, वहां बोर्ड ने इंटिग्रेटेड कूड़ा निस्तारण प्लाट की सैद्धातिक मंजूरी दे दी है। 300 टन की क्षमता वाला यह प्लांट स्थापित करने के लिए जल्द ही रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी होगा। शहर में 4 एसटीपी है, उनमें रेट्रोफिटिंग का काम कराया जाएगा। इसके लिए बोर्ड ने 87 करोड़ रुपये के बजट की मजूरी दे दी है। सीधे यमुना में गिरने वाले 11 नालों की आधुनिक तकनीक से सफाई कराने का निर्णय लिया है।
बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ
नोएडा अथॉरिटी एरिया में 57 ऐसे बिल्डर प्रॉजेक्ट चिह्नित किए गए थे, जिनको अमिताभ कांत पॉलिसी के तहत रिवाइव किया जा सकता था। लेकिन, 35 बिल्डरों ने रुचि दिखाई जो बिल्डर रुचि नहीं ले रहे है या पॉलिसी के तहत एग्रीमेंट करने के बाद भी अथॉरिटी का पैसा जमा नहीं करा रहे और बायर्स की रजिस्ट्री कराने में रुचि नहीं दिखा रहे है, उनकी अलग-अलग कैटिगरी के हिसाब से अथॉरिटी ने लिस्ट बना ली है। इन पर अब कार्रवाई होगी।