आने वाले समय में नोएडा के किस इलाके में बढ़ेगी प्रॉपर्टी की डिमांड?

दिल्ली-एनसीआर का हाउसिंग मार्केट रिकॉर्ड तोड़ रहा है. लग्जरी और प्रीमियम घरों की बिक्री बढ़ी है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कारण आसपास की प्रॉपर्टी की मांग में भारी उछाल देखने को मिली है.

भारत का हाउसिंग मार्केट इस समय तेज गति से आगे बढ़ रहा है. इसमें दिल्ली-एनसीआर (NCR) का योगदान सबसे बड़ा है. कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद इस क्षेत्र में लग्जरी और प्रीमियम सेगमेंट के घरों की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी है. यह ट्रेंड बताता है कि मंदी की आशंकाओं के विपरीत उच्च-आय वर्ग का रियल एस्टेट में निवेश लगातार मजबूत बना हुआ है.

हाउसिंग प्राइस इंडेक्स (HPI) की रिपोर्ट बताती है कि भारत में घरों की खरीद-बिक्री की रफ्तार सभी शहरों में एक जैसी नहीं है. इस रिपोर्ट के हिसाब से इस समय एनसीआर (NCR), बेंगलुरु और हैदराबाद सबसे ज्यादा तेजी दिखा रहे हैं. इसका मतलब है कि भारत के रियल एस्टेट बाजार की ग्रोथ में फर्क है. कुछ इलाके बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि बाकी थोड़े पीछे हैं. एनसीआर ने तो सबसे तेज बढ़त दर्ज की है. इसकी मुख्य वजह यह है कि गुड़गांव, नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे महंगे इलाकों में पैसे का तगड़ा निवेश आ रहा है और यहां 2BHK/3BHK फ्लैटों की मांग बहुत ज्यादा है.

कई कॉरिडोर इस समय हाउसिंग के हॉटस्पॉट बन गए हैं. गुड़गांव में द्वारका एक्सप्रेसवे लग्जरी हाउसिंग के लिए सबसे बेहतरीन लोकेशन बनकर उभरा है. यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे जैसे एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के साथ नोएडा ने भी खुद को एक प्रमुख हाउसिंग हब के रूप में विकसित किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद उसके आसपास के इलाकों में प्रॉपर्टी की डिमांड और भी ज्यादा बढ़ेगी.

एनसीआर का रियल एस्टेट मार्केट अपनी अग्रणी भूमिका बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है. बड़े डेवलपर्स को इस बाजार पर भरोसा है, जिसका मुख्य कारण मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन है. यहां प्रीमियम इन्वेंट्री और वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं से युक्त कई नए प्रोजेक्ट तेजी से लॉन्च हो रहे हैं, जो ग्रीन बिल्डिंग सिद्धांतों और बड़े टाउनशिप मॉडल पर आधारित हैं.

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