सेक्टर 94 गोलचक्कर से सेक्टर 150 तक एलिवेटेड रोड दो एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली योजना का अपडेट जानिए

उत्तर प्रदेश के नोएडा में ट्रैफिक को स्मूद बनाने के लिए बड़े स्तर पर रणनीति तैयार की गई है। इसके लिए कई योजनाओं पर विचार चल रहा है। इसमें एक योजना ऐसी है, जिससे दो एक्सप्रेसवे के ट्रैफिक को एलिवेटेड रोड के जरिए कंट्रोल किया जाएगा। दरअसल, नोएडा में सेक्टर 94 गोलचक्कर से सेक्टर 150 तक एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाना है। योजना को तैयार किए जाने के बाद इसके प्रस्ताव को सरकार को भेजा गया है। हालांकि, इस योजना पर दीपावली के बाद सरकार के स्तर पर बैठक होने की उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल, सिंचाई विभाग की ओर से एलिवेटेड रोड बनाने के लिए तीन माह बाद भी एनओसी नहीं दी गई है। इस कारण परियोजना की मंजूरी प्रक्रिया में देरी की बात सामने आ रही है।

क्या है योजना?
नोएडा में यमुना पुश्ते पर सेक्टर 94 गोलचक्कर के पास से सेक्टर 150 तक एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव है। सेक्टर 150 से इस एलिवेटड रोड को यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की भी योजना है। इससे यह एलिवेटेड रोड एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी का माध्यम बन जाएगी। नोएडा अथॉरिटी की ओर से एलिवेटेड रोड परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है।

हालांकि पुश्ते की जमीन सिंचाई विभाग के दायरे में आता है। विभाग की अनुमति के बीच यहां काम नहीं हो सकेगा। नोएडा अथॉरिटी की ओर से इस एलिवेटेड रोड निर्माण को लेकर सिंचाई विभाग से करीब तीन माह पहले एनओसी मांगी गई थी। पत्र लिखे जाने और मौखिक बातचीत के बाद भी एक्शन नहीं हुआ है।

6 लेन का एलिवेटेड रोड
सेक्टर 94 गोलचक्कर से सेक्टर 150 तक बनने वाला एलिवेटेड रोड छह लेन का विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर 4000 करोड़ रुपये लागत का अनुमान है। नोएडा प्राधिकरण को एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव पीडब्लूडी की ओर से दिया गया था। इसके बाद सिंचाई विभाग की ओर से एनओसी के प्रस्ताव तेज किए गए। इस एलिवेटेड रोड के निर्माण से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जाम में कमी आएगी। अथॉरिटी की ओर से पहले एलिवेटेड रोड का निर्माण यूपीडा से कराने का निर्णय लिया गया। बाद में पीडब्लूडी के माध्यम से इसका निर्माण कराने की योजना बनी।

पुश्ते के क्षतिग्रस्त होने की आशंका
सिंचाई विभाग को आशंका है कि एलिवेटेड रोड का निर्माण होने से पुश्ते को क्षति पहुंच सकती है। इस संबंध में अथॉरिटी को मौखिक तौर पर बताया गया है। प्राधिकरण से कहा गया है कि पाइलिंग होने पर बाढ़ के समय पानी पुश्ते के दूसरी तरफ यानी शहर की ओर आ सकता है। हालांकि, नोएडा अथॉरिटी को इस संबंध में लिखित कोई जानकारी नहीं दी गई है। अब अथॉरिटी के अधिकारियों ने शीर्ष अधिकारियों को जानकारी दी है।

मामले में औद्योगिक विकास आयुक्त और नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार ने सरकार के स्तर पर बैठक कराने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में नोएडा विकास प्राधिकरण सिंचाई विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसमें एनओसी पर निर्णय होने की उम्मीद है।

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