इधर उद्घाटन उधर फ्लाइट्स शुरू नोएडा एयरपोर्ट पर पहले दिन से ही उड़ानें संभव

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्टिंग के सफल होने के बाद एयरोड्रम लाइसेंस 15 नवंबर तक मिलने की उम्मीद है, जिससे एयरपोर्ट के शुभारंभ के दिन से ही घरेलू उड़ानें शुरू हो सकती हैं और प्रधानमंत्री मोदी इसका उद्घाटन करेंगे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुभारंभ के दिन से ही उड़ानें संभव हैं। रनवे पर कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्टिंग (ट्रायल) सफल रहा है, जिससे 15 नवंबर तक एयरोड्रम लाइसेंस मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

अधिकारी ने बताया कि नवंबर अंत तक नोएडा एयरपोर्ट के शुभारंभ की तैयारी चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयरपोर्ट का शुभारंभ करेंगे। अबतक पहले शुभारंभ और उसके करीब एक माह बाद से उड़ानें शुरू करने की योजना थी। इसमें सबसे बड़ी रुकावट एयरोड्रम लाइसेंस की बताई गई थी। कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्टिंग सफल होने के बाद एकत्रित डाटा अब डीजीसीए को भेजा जा चुका है।

अध्ययन के आधार पर ही लाइसेंस मिलेगा, जिसमें 10 दिनों का समय लग सकता है। उम्मीद है कि 15 नवंबर तक यह लाइसेंस मिल जाएगा, जिसके मिलने के बाद शुभारंभ के दिन से उड़ानें संभव हो पाएंगी। एक या दो उड़ानों पर ही विचार चल रहा है।

घरेलू विमानों के साथ शुरुआत की जाएगी
एयरपोर्ट की शुरुआत घरेलू उड़ानों के साथ होगी। देश के 10 बड़े शहरों के लिए उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। जब सब स्थिर हो जाएगा, तब 24 घंटे की उड़ानें शुरू होंगी और अगले वर्ष जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू कर दी जाएंगी। एयरपोर्ट पर ऑपरेशनल रेडीनेस एंड एयरपोर्ट ट्रांसफर (ओआरएटी) के तहत टर्मिनल ट्रायल किया जा चुका है। इसका उद्देश्य एयरपोर्ट की सभी सुविधाएं, सिस्टम और उपकरण को परखना रहा।

तीन एयरलाइंस से करार हो चुका
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (यापल) ने एयर इंडिया, अकासा और इंडिगो के साथ करार किया है। खास बात यह है कि फिलहाल कैट-3 जैसे उपकरण स्थापित न होने से शुरुआत में दिन के समय ही उड़ानें शुरू की जाएंगी। उक्त उपकरण से अत्यंत धुंध और कम विजिबिलिटी में ही सफल लैंडिंग संभव है। सभी उपकरण स्थापित होने के बाद धीरे-धीरे रात में उड़ानें शुरू की जाएंगी। प्रथम चरण में 1.2 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष की क्षमता होगी।

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