ग्रेटर नोएडा में लॉटरी से होगा प्लॉट का आवंटन, शासन ने पॉलिसी में किया बदलाव

ग्रेटर नोएडा में भूखंडों का आवंटन लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में आवासीय और वाणिज्यिक विकास को बढ़ावा देना है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर किए जा सकेंगे। पात्रता मानदंड और अन्य जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

गौतमबुद्ध नगर में भूखंड खरीदने वाले उद्यमियों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। औद्योगिक विकास प्राधिकरण में इंडस्ट्रियल प्लॉट का आवंटन नीलामी के बजाए लॉटरी से करने की तैयारी है। शासन स्तर पर यह फैसला होने के बाद प्राधिकरणों में इसके जल्द लागू होने की उम्मीद है। एमएसएमई उद्योग के लिए लॉटरी से भूखंडों के आवंटन की उद्यमी संगठन लगातार मांग करते आ रहे थे।

यमुना प्राधिकरण समेत नोएडा व ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्रियल प्लॉट का पूर्व में लॉटरी से आवंटन होता था। चार हजार वर्गमीटर तक के भूखंडों का आवंटन लॉटरी से व इससे बड़े भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार से होता था, लेकिन शासन ने नीति में बदलाव करते हुए लॉटरी की बजाए नीलामी से आवंटन की व्यवस्था लागू कर दी थी।

इससे आठ हजार वर्गमीटर के आवंटन नीलामी से व बड़े भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार से करने की नीति लागू कर दी थी। उद्यमी संगठन इसका विरोध कर रहे थे। संगठनों का कहना था कि एमएसएमई उद्योग पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है।

अधिक पूंजी न होने के कारण उद्यमियों के लिए नीलामी से औद्योगिक भूखंड खरीद पाना मुश्किल है। नीलामी की नीति का लाभ केवल पूंजीपतियों को मिलने से औद्योगिक विकास प्रभावित होगा। शासन स्तर पर पिछले दिनों औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में भूखंडों का आवंटन नीलामी की बजाए लॉटरी से करने का फैसला लिया गया है।

इससे प्राधिकरण क्षेत्र में उद्योग लगाने वाले छोटे उद्यमियों को फायदा होगा। उन्हें प्राधिकरण की दरों पर भूखंड मिल सकेगा। हालांकि लॉटरी से भूखंड मिल सकेगा। यीडा ओएसडी शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि लॉटरी से इंडस्ट्रियल प्लॉट के आवंटन के संबंध में अभी कोई शासनदेश नहीं मिला है। शासनादेश मिलने के बाद इसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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