दिल्ली एनसीआर में स्थित नोएडा पर NRI जमकर दांव लगा रहे हैं. शानदार रिटर्न और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते इसने दिल्ली के कई इलाकों को पीछे छोड़ दिया है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और NCR के रियल एस्टेट मार्केट में नोएडा सबसे प्राइम हॉटस्पॉट बनकर उभर रहा है. खासकर NRI के बीच पॉपुलेरिटी के मामले में इसने दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और शानदार रिटर्न की उम्मीद में एनआरआई नोएडा की प्रॉपर्टीज में जमकर दांव लगा रहे हैं. डेवलपर्स की संस्था CREDAI और प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म CRE Matrix के ताजा डेवलपर सेंटीमेंट सर्वे 2026 के मुताबिक साल 2026 में नोएडा में NRI निवेश में बाढ़ आने वाली है.
CREDAI और CRE Matrix के डेवलपर्स सेंटिमेंट के मुताबिक, देशभर के डेवलपर्स में से 88 फीसदी का मानना है कि 2026 में NRI डिमांड या तो बढ़ेगी या स्थिर रहेगी. डेवलपर सेंटिमेंट के सर्वे में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा नोएडा का आया है.
रिपोर्ट के मुताबिक NRI डिमांड में ग्रोथ की उम्मीद करने वाले डेवलपर्स की लिस्ट में सबसे ऊपर नोएडा है.
कुल डेवलपर्स में से 11% का मानना है कि नोएडा के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के कारण विदेशी पैसा सबसे ज्यादा बरसेगा.
43% डेवलपर्स 2026 में मुख्य रूप से 3BHK फ्लैट्स लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं.
2026 में NRI डिमांड का अनुमान
दिल्ली में पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी समस्याएं
सर्वे के मुताबिक राजधानी दिल्ली में जहां जगह की कमी और पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित समस्याएं हैं. दूसरी तरफ नोएडा में जेवर एयरपोर्ट और नए एक्सप्रेसवे गेम चेंजर साबित हो रहे हैं.
10% से ज्यादा बढ़ेंगे दाम
NCR के 76 फीसदी डेवलपर्स को उम्मीद है कि साल 2026 में प्रॉपर्टी के दाम 10 फीसदी से ज्यादा बढ़ेंगे.
रिटर्न की यह गारंटी NRI निवेशकों को एनसीआर की तरफ खींच रही है.
2026 में 10 लाख स्क्वायर फीट से ज्यादा लॉन्च करने की योजना बनाने वाले 38 डेवलपर्स अकेले नोएडा और गुरुग्राम से है.
प्रॉपर्टी की कीमतों में तगड़ा उछाल
आपको बता दें कि ब्रोकरेज हाउस Elara Capital ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि नोएडा में जेवर इंटरनेशनल शुरू होने की आहट से यमुना एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा के आस-पास प्रॉपर्टी की कीमतें 20 से 30 फीसदी तक बढ़ चुकी है. वहीं, नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो और दिल्ली मेट्रो के नए कॉरिडोर ने कनेक्टिविटी को आसान बना दिया है, जिससे सेक्टर 150 और यमुना एक्सप्रेसवे अब दूर नहीं लगते. फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (FNG) कॉरिडोर और नए अंडरपास ने इंट्रा-सिटी ट्रेवल को आसान बना दिया, जिससे प्रोफेशनल लोगों का रुझान बढ़ा है.