नोएडा-ग्रेटर नोएडा में घर खरीदने की मची होड़, NBCC ने एक बार में बेचे 1000 करोड़ से ज्यादा के फ्लैट!

सरकारी कंपनी एनबीसीसी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अपने प्रोजेक्ट्स के लिए ई-नीलामी पूरी कर ली है. इस नीलामी में 417 फ्लैट्स की बंपर बिक्री हुई है जिससे कंपनी को 1,045.40 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है.

सरकारी निर्माण कंपनी एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अपनी आवासीय परियोजनाओं की ई-नीलामी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस नीलामी के जरिए एनबीसीसी ने लगभग 1,045.40 करोड़ रुपये की संपत्ति बेची है. 30 दिसंबर 2025 को साझा की गई नियामक जानकारी के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल रही है.

आखिर किन प्रोजेक्ट्स में लोगों ने दिखाई इतनी दिलचस्पी?
एनबीसीसी ने इस ई-नीलामी के दौरान कुल 417 आवासीय इकाइयों की बिक्री की है. इसमें सबसे अधिक आकर्षण ग्रेटर नोएडा (वेस्ट) स्थित ‘एस्पायर लेजर वैली’ (टावर नंबर 7 और 8) को लेकर देखा गया. इसके अलावा नोएडा के सेक्टर 76 स्थित ‘एस्पायर सिलिकॉन सिटी’ फेज-IV (टावर नंबर 5) के फ्लैट्स भी इस नीलामी का हिस्सा थे. ये दोनों ही प्रोजेक्ट्स अपनी लोकेशन और सुविधाओं के कारण मिडिल क्लास और निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं. आम खरीदार के नजरिए से देखें तो सरकारी देखरेख में बने इन घरों को लेकर बाजार में एक सुरक्षा का भाव रहता है.

एनबीसीसी को मिलेगा इतना मुनाफा
ई-नीलामी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि संपत्तियों का मूल्य निर्धारण बाजार की मांग के अनुरूप और पूरी तरह पारदर्शी हो. एनबीसीसी ने स्पष्ट किया है कि यह नीलामी सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों का हिस्सा थी. इस भारी-भरकम सौदे से कंपनी को भी सीधा वित्तीय लाभ होने वाला है. एनबीसीसी को कुल बिक्री मूल्य का 1% मार्केटिंग शुल्क के रूप में प्राप्त होगा. यानी 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के इस ट्रांजैक्शन से कंपनी की फीस आय में अच्छी खासी बढ़ोतरी होगी. यह मॉडल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और एसेट मोनेटाइजेशन की रणनीति को और मजबूत बनाता है.

नवरत्न कंपनी है एनबीसीसी
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाली एनबीसीसी एक नवरत्न कंपनी है. पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने अपनी अटकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने और नई संपत्तियों को बाजार में उतारने में तेजी दिखाई है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरी केंद्रों में इन्वेंट्री का तेजी से कम होना यह बताता है कि लोग अब तैयार या जल्द मिलने वाले घरों (Ready-to-move-in) की ओर रुख कर रहे हैं. इस नीलामी की सफलता से उन खरीदारों का मनोबल भी बढ़ेगा जो लंबे समय से एनसीआर में एक भरोसेमंद आशियाने की तलाश में थे. कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर इस पूरे ट्रांजैक्शन का विवरण सार्वजनिक कर दिया गया है.

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