दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन पर बसने वाले नए नोएडा में किसानों से सीधे जमीन लेने के लिए दरों का प्रस्ताव तैयार हो गया है। किसानों से 5600 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन लेने का निर्णय लिया गया है। इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा।
कहां बसेगा नया नोएडा?
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (नया नोएडा) बसाया जाना है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि जमीन की दरों के अलावा नए नोएडा में तेजी से हो रही जमीन की खरीद-फरोख्त रोकने को रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था के प्रारूप पर मुख्यमंत्री ने नोएडा से रिपोर्ट मांगी है। मास्टर प्लान को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद न्यू नोएडा क्षेत्र में शामिल गांव में जमीन की खरीद-फरोख्त तेजी से बढ़ी है। पहले प्राधिकरण यहां पर रजिस्ट्री रुकवाने की तैयारी में था, लेकिन शासन और सरकार इस पक्ष में नहीं हैं। अब प्राधिकरण इसके लिए नई व्यवस्था बनाने जा रहा है।
मंजूरी के बाद सार्वजनिक होगी सूचना
अधिकारियों ने बताया कि जमीन दरों की मंजूरी शासन से मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी। अगर कोई किसान अपनी जमीन बेचना चाहता है तो प्राधिकरण में आवेदन करेगा। प्राधिकरण दो महीने या इससे भी कम समय में उस आवेदन का निस्तारण कर तय दरों पर जमीन लेगा।
प्राधिकरण अगर जमीन नहीं लेगा तो किसान किसी और को जमीन बेच सकेगा। जमीन लेने से इनकार करने से पहले प्राधिकरण के संबधित अधिकारी को उसका कारण भी बताना होगा। इसके साथ ही चरणबद्ध रूप से प्राधिकरण जमीन किसानों से समझौते के साथ लेने और विकास करने का काम भी शुरू करेगा। जमीन लेने से लेकर रजिस्ट्री रुकवाने से संबंधित प्रस्ताव की जानकारी नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने और तथ्यों को जोड़ते हुए पूरी रिपोर्ट मांगी है।
बागपत और खेकड़ा के गांव भी दायरे में आएंगे
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि नए नोएडा का और विस्तार करने पर विचार किया जा रहा है। इसमें बागपत और खेकड़ा तहसील के कुछ गांव शामिल किए जा सकते हैं। स्थानीय प्रशासन का यह प्रस्ताव शासन में पहुंच गया है। इसको लेकर भी नोएडा से राय मांगी गई है। बागपत तहसील में 113 गांव और तीन कस्बे हैं। वहीं, खेकड़ा तहसील में 53 गांव हैं। यह क्षेत्र शामिल होने पर निवेश क्षेत्र का दायरा और बढ़ेगा। इसके लिए मास्टर प्लान भी अलग से तैयार कराना होगा। बताया जाता है कि इन गांवों को शामिल करने को लेकर पहले भी चर्चा हुई थी।
वर्ष 2024 में योजना को मंजूरी मिली
नए नोएडा के मास्टर प्लान-2041 को यूपी कैबिनेट ने 18 अक्टूबर 2024 को मंजूरी दी थी। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि अस्थायी दफ्तर खोलने के लए जमीन सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव में देखी गई है। करीब 10 हजार वर्ग मीटर जमीन दफ्तर के लिए ली जाएगी। मास्टर प्लान के मुताबिक नए नोएडा को चार चरण में बसाया जाएगा है। इस योजना में बदलाव करना पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि पहले चरण 2027 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अभी तक शुरुआत नहीं हुई।