नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर भूखंड आवंटन के लिए 7.5% लोकेशन शुल्क समाप्त कर दिया है। मेट्रो रूट के किनारे भी शुल्क 10% से घटाकर 2.5% किया गया है। इस निर्णय से 40 से अधिक सेक्टरों में संपत्ति की दरें सस्ती होंगी। यह बदलाव आईटी, संस्थागत और व्यावसायिक भूखंडों पर लागू होगा, जिससे आने वाली योजनाओं में आवंटन दरों में कमी आएगी।
संपत्तियों की आवंटन दरों में आएगी कमी
यही नहीं मेट्रो रूट के किनारे भी लिए जाने वाले शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर ढाई प्रतिशत कर दिया गया है। लोकेशन शुल्क घटने से संपत्ति की दरों में कमी आ सकती है। इस फैसले से 40 से ज्यादा सेक्टरों की संपत्तियों की आवंटन दरों में कमी आएगी।
मेट्रो का लोकेशन शुल्क भी लगेगा कम
बता दें कि एक्सप्रेसवे का नोएडा क्षेत्र में करीब 20 किलोमीटर का हिस्सा है। इस क्षेत्र में 40 से ज्यादा सेक्टरों की संपत्तियों की आवंटन कीमतें लोकेशन शुल्क हटाने के बाद कम होंगी। मेट्रो का लोकेशन शुल्क भी काफी कम लगेगा।
एक्सप्रेसवे के किनारे का लोकेशन शुल्क आईटी, आइटीईएस, संस्थागत, व्यावसायिक, कारपोरेट ऑफिस के भूखंड पर वर्ष 2019 से लागू था। एक्सप्रेसवे के किनारे इन्हीं भू-उपयोग के भूखंड की योजना को नियोजन विभाग की तरफ से निकाला हैं।
इसके अलावा मेट्रो रूट (ब्लू, मैजेंटा और एक्वा लाइन) के एक किलोमीटर के दायरे में सभी तरह की संपत्तियों पर 10 प्रतिशत का लोकेशन शुल्क फरवरी 2025 में यूनिफाइड पालिसी के साथ लगाया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक, तीन जनवरी को हुई बोर्ड बैठक में मंजूरी के बाद लोकेशन चार्ज हटाया और घटाया गया है। आने वाली विभिन्न भूखंड योजनाओं पर इसका असर दिखेगा।